राघव चड्ढा: 22 साल की उम्र में CA बने, AAP के ‘फाइनेंशियल आर्किटेक्ट’ और 2026 में BJP के बड़े दांव
राघव चड्ढा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, क्योंकि खबर है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है और उनके साथ सात अन्य नेता भी शामिल हुए हैं। एंटी-करप्शन आंदोलन का “सॉफिस्टिकेटेड चेहरा” माने जाने वाले चड्ढा का करियर कॉरपोरेट दुनिया से राजनीति तक एक तेज और दिलचस्प सफर..
राघव चड्ढा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, क्योंकि खबर है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है और उनके साथ सात अन्य नेता भी शामिल हुए हैं। एंटी-करप्शन आंदोलन का “सॉफिस्टिकेटेड चेहरा” माने जाने वाले चड्ढा का करियर कॉरपोरेट दुनिया से राजनीति तक एक तेज और दिलचस्प सफर रहा है।
22 साल में बने चार्टर्ड अकाउंटेंट
राजनीति में आने से पहले राघव चड्ढा एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और टैक्स प्रोफेशनल के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और महज 22 साल की उम्र में CA बन गए।
कम उम्र में ही उनकी वित्तीय समझ काफी मजबूत थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती बीस की उम्र में ही वे देश के प्रमुख टैक्सपेयर में शामिल हो गए थे। उन्होंने Deloitte और Grant Thornton जैसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में ऑडिट और कंसल्टेंसी का अनुभव हासिल किया।
LSE और केजरीवाल से मुलाकात
अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए चड्ढा ब्रिटेन गए और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एग्जीक्यूटिव MBA किया।
2011-12 में जब भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन अपने चरम पर था, तब अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में रामलीला मैदान पर चल रहे आंदोलन ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। यहीं उनकी मुलाकात केजरीवाल से हुई।
केजरीवाल ने उनकी वित्तीय समझ से प्रभावित होकर उन्हें दिल्ली जन लोकपाल बिल का ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी जो AAP में उनका पहला बड़ा काम बना।
AAP के ‘फाइनेंशियल आर्किटेक्ट’
कॉरपोरेट प्रोफेशनल से राजनीतिक नेता बनने का उनका सफर काफी तेज रहा। सिर्फ 26 साल की उम्र में वे AAP के नेशनल ट्रेजरर बन गए।
उन्होंने पार्टी के घोषणापत्र तैयार करने, फंडिंग मैनेज करने और शुरुआती क्राउडफंडिंग कैंपेन को संभालने में अहम भूमिका निभाई। इसी वजह से उन्हें केजरीवाल का “फाइनेंशियल आर्किटेक्ट” कहा जाने लगा।
सबसे युवा राज्यसभा सांसदों में शामिल
लंदन में वेल्थ मैनेजमेंट से करियर शुरू करने वाले चड्ढा 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद बने और उस समय देश के सबसे युवा सांसदों में शामिल थे।
निष्कर्ष
राघव चड्ढा का सफर एक सफल कॉरपोरेट करियर, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और जमीनी स्तर के राजनीतिक आंदोलन का अनोखा मिश्रण है। AAP से BJP में जाने की खबर ने भारतीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।
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