राजस्थान के मुख्यमंत्री 21 अप्रैल को पिलानी में यमुना जल की प्रगति की करेंगे समीक्षा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 21 अप्रैल को झुंझुनूं जिले के पिलानी में यमुना जल प्रगति की समीक्षा करेंगे। यह समीक्षा हरियाणा और राजस्थान टास्क फोर्स की दूसरी संयुक्त बैठक से पहले की जाएगी..

राजस्थान के मुख्यमंत्री 21 अप्रैल को पिलानी में यमुना जल की प्रगति की करेंगे समीक्षा
20-04-2025 - 07:49 PM

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 21 अप्रैल को झुंझुनूं जिले के पिलानी में यमुना जल प्रगति की समीक्षा करेंगे। यह समीक्षा हरियाणा और राजस्थान टास्क फोर्स की दूसरी संयुक्त बैठक से पहले की जाएगी। दोनों राज्यों की टास्क फोर्स की यह दूसरी संयुक्त बैठक 25 अप्रैल को हरियाणा के हिसार में प्रस्तावित है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को बताया गया कि इस बैठक में हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे।

बयान के अनुसार, वर्ष 1994 में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के बीच हुए यमुना जल समझौते के तहत राजस्थान को मानसून अवधि (जुलाई से अक्टूबर) में ताजेवाला हेड (हथिनीकुंड बैराज) पर 1,917 क्यूसेक (वार्षिक 577 एमसीएम) जल आवंटित किया गया था। लेकिन पिछले 30 वर्षों से राजस्थान तक यह आवंटित जल लाने में गतिरोध बना हुआ था।

बयान में कहा गया, "मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सतत प्रयासों, केंद्र सरकार के सकारात्मक सहयोग और केंद्रीय जल आयोग के हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप, सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिलों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने की दिशा में यह गतिरोध समाप्त हुआ और 17 फरवरी 2024 को राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की उपस्थिति में समझौता हुआ।"

इस समझौते के अंतर्गत, पहले चरण में ताजेवाला हेड (हथिनीकुंड बैराज) से राजस्थान तक पेयजल के लिए जल लाने हेतु प्रवाह प्रणाली की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) संयुक्त रूप से तैयार करने पर सहमति बनी। इस समझौते के क्रियान्वयन हेतु राजस्थान और हरियाणा सरकारों द्वारा एक टास्क फोर्स का गठन किया गया।

इस संयुक्त डीपीआर की तैयारी को लेकर राजस्थान और हरियाणा के जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिवों के बीच 26 मार्च को चंडीगढ़ में बैठक हुई। इसके बाद, हरियाणा और राजस्थान की टास्क फोर्स की पहली संयुक्त बैठक 7 अप्रैल को हरियाणा के यमुनानगर में आयोजित हुई, जिसमें वास्तविक स्थल परीक्षण कर प्रवाह मार्ग की रूपरेखा तैयार करने पर प्रारंभिक चर्चा हुई।

योजना के तहत, हथिनीकुंड बैराज से चूरू जिले के हंसियावास जलाशय तक तीन भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से जल लाने का प्रस्ताव है।

उपरी यमुना बेसिन (हथिनीकुंड बैराज के अपस्ट्रीम) में रेणुकाजी और लखवार भंडारण परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिसके अंतर्गत राजस्थान ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को अपनी हिस्सेदारी के रूप में 77.90 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है।

किशाऊ परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के पश्चात, राजस्थान के हिस्से का 201 एमसीएम जल हथिनीकुंड बैराज पर वर्षभर इन पाइपलाइनों के माध्यम से उपलब्ध हो सकेगा।

बयान में कहा गया कि राज्य सरकार इस योजना की प्रभावी निगरानी और त्वरित क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है। इसी क्रम में जल संसाधन विभाग द्वारा "अतिरिक्त मुख्य अभियंता, यमुना जल" का एक नया पद सृजित किया गया है। राज्य सरकार के प्रयासों से शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल लाने की प्रक्रिया शीघ्र ही आकार लेने लगेगी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।