वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होने के “अब तक के सबसे करीब..”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही शांति वार्ताएं “अब तक के सबसे करीब” पहुंच गई हैं। यह टिप्पणी उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो आवास पर हुई बैठक के बाद..
फ्लोरिडा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही शांति वार्ताएं “अब तक के सबसे करीब” पहुंच गई हैं। यह टिप्पणी उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो आवास पर हुई बैठक के बाद की। ट्रंप ने इस मुलाकात को “बेहद शानदार बैठक” बताया।
हालांकि, अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन युद्धविराम का वादा करने वाले ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि बातचीत काफी जटिल है और इसके टूटने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे युद्ध कई वर्षों तक खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि फरवरी 2022 से अब तक हजारों लोगों की जान ले चुके इस युद्ध को खत्म करना संभव है या नहीं।
ट्रंप ने क्या कहा
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हमने बहुत अच्छा काम किया है। लगभग हर विषय पर हमारी चर्चा हुई है।”
उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने “इस युद्ध को समाप्त करने की दिशा में काफी प्रगति की है।”
जैसे कि अक्टूबर में जेलेंस्की की पिछली ट्रंप से मुलाकात के समय हुआ था, वैसे ही इस बार भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बैठक से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति से फोन पर बात की। इसके बाद ट्रंप ने जोर देकर कहा कि लगातार हमलों के बावजूद मॉस्को शांति को लेकर “गंभीर” है।
ट्रंप ने कहा, “मेरा सच में मानना है, मिस्टर प्रेसिडेंट, कि हम दोनों पक्षों के साथ अब तक की तुलना में कहीं ज्यादा करीब—बहुत ज्यादा करीब—पहुंच चुके हैं।” उन्होंने जोड़ा कि “हर कोई चाहता है कि यह [युद्ध] खत्म हो।”
ट्रंप और जेलेंस्की—दोनों ने डोनबास क्षेत्र के भविष्य को सबसे बड़ा अड़ंगा बताया। कई हफ्तों तक चली अमेरिका-यूक्रेन की गहन बातचीत के बाद संशोधित मौजूदा योजना के तहत पूर्वी डोनबास क्षेत्र में मौजूदा मोर्चा रेखाओं पर युद्ध रोक दिया जाएगा और वहां एक असैन्य (डिमिलिट्राइज्ड) क्षेत्र बनाया जाएगा। वहीं रूस लंबे समय से क्षेत्रीय रियायतों की मांग करता रहा है।
ट्रंप ने कहा, “यह मुद्दा अभी सुलझा नहीं है लेकिन काफी नजदीक पहुंच गया है। यह बहुत कठिन मसला है लेकिन मुझे लगता है कि इसका समाधान निकल आएगा।”
जेलेंस्की ने क्या कहा
ट्रंप ने शांति योजना को आगे बढ़ाने के लिए यूक्रेनी संसद को संबोधित करने की पेशकश भी की—एक ऐसा विचार जिसे जेलेंस्की ने तुरंत स्वीकार कर लिया, भले ही इसके अमल में आने की संभावना कम मानी जा रही हो।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने संशोधित अमेरिकी योजना के प्रति खुलापन भी दिखाया। यह कीव की ओर से पहली बार इतने स्पष्ट रूप से संकेत था कि क्षेत्रीय रियायतें संभव हो सकती हैं, हालांकि इसके लिए यूक्रेनी मतदाताओं की मंजूरी जनमत संग्रह के जरिए जरूरी होगी।
जेलेंस्की ने कहा कि ट्रंप द्वारा पेश किया गया शांति ढांचा “90 प्रतिशत तक सहमत” हो चुका है और “अमेरिका-यूक्रेन सुरक्षा गारंटियां 100 प्रतिशत तय” हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्ष यूक्रेन के लिए एक “समृद्धि योजना” (प्रॉस्पेरिटी प्लान) और विभिन्न कदमों के क्रम (सीक्वेंसिंग) को अंतिम रूप दे रहे हैं।
जेलेंस्की पूरे दौरे के दौरान बेहद संयमित और शिष्ट बने रहे, खासकर 28 फरवरी को व्हाइट हाउस में हुई उस विवादास्पद बैठक को ध्यान में रखते हुए, जहां ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सार्वजनिक रूप से उन पर पर्याप्त आभार न जताने का आरोप लगाया था।
इस बीच, मॉस्को ने पूर्व सोवियत गणराज्य यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की किसी भी संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को कहा, “अगर कीव के अधिकारी इस मसले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना नहीं चाहते, तो हम अपने सामने मौजूद सभी समस्याओं को सैन्य तरीकों से हल करेंगे।”
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