'सिंदूर का सौदागर': तथ्य-जांच के बावजूद एस जयशंकर पर कांग्रेस का हमला तेज
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को एक बार फिर दावा दोहराया कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान भारत की संपत्तियों को हुए नुकसान पर सरकार ने चुप्पी साधी रखी और यह कि हमले से पहले पाकिस्तान को सूचना देना एक "अपराध" था।
नयी दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को एक बार फिर दावा दोहराया कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान भारत की संपत्तियों को हुए नुकसान पर सरकार ने चुप्पी साधी रखी और यह कि हमले से पहले पाकिस्तान को सूचना देना एक "अपराध" था। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर की टिप्पणी का हवाला देते हुए यह बात कही।
राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा, "विदेश मंत्री जयशंकर की चुप्पी सिर्फ संकेत नहीं है, यह निंदनीय है इसलिए मैं फिर पूछता हूं: पाकिस्तान को सूचना देने के कारण भारत ने कितने विमान खो दिए? यह चूक नहीं थी। यह एक अपराध था। और देश को सच्चाई जानने का अधिकार है।"
राहुल गांधी का यह ट्वीट एस. जयशंकर की उस टिप्पणी को लेकर था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने आतंकवादियों के लॉन्चपैड पर हमला करने से पहले पाकिस्तान की सेना को बाहर रहने की चेतावनी दी थी।
राहुल गांधी के ट्वीट के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी को "सिंदूर का सौदागर" बताया और जयशंकर की उक्त वीडियो क्लिप को चलाया।
17 मई को राहुल गांधी ने एस. जयशंकर की टिप्पणी का एक वीडियो ट्वीट किया था और लिखा, "हमले की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचना देना एक अपराध था। विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत सरकार ने ऐसा किया।"
हालांकि राहुल गांधी के इस ट्वीट के तुरंत बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्टीकरण जारी किया और कांग्रेस नेता की टिप्पणी को "तथ्यों का घोर विकृति" बताया।
राहुल गांधी के दावे की तथ्य-जांच करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेश मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि पाकिस्तान को ऑपरेशन सिन्दूर शुरू होने के शुरुआती चरण में चेतावनी दी गई थी, न कि हमले से पहले।
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया में कहा गया, "विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि हमने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिन्दूर की शुरुआत के शुरुआती चरण में चेतावनी दी थी। इसे जानबूझकर गलत तरीके से ‘ऑपरेशन शुरू होने से पहले’ बताकर पेश किया जा रहा है। यह तथ्य का घोर तोड़-मरोड़ है, जिसकी निंदा की जाती है।"
इसके साथ ही, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने भी राहुल गांधी के दावे को गलत ठहराया और कहा कि "केंद्रीय मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और उन्हें गलत तरीके से उद्धृत किया जा रहा है।"
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