पितृ पक्ष का समापन, देवी दुर्गा के आगमन का पर्व महालया पर गूंजे महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र
देश के विभिन्न हिस्सों में आज श्रद्धा और भक्ति के साथ महालया का त्योहार मनाया जा रहा है। यह दिन पितृ पक्ष श्राद्ध के समापन और दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरुआत का प्रतीक माना जाता..
देश के विभिन्न हिस्सों में आज श्रद्धा और भक्ति के साथ महालया का त्योहार मनाया जा रहा है। यह दिन पितृ पक्ष श्राद्ध के समापन और दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार महालया प्रतिवर्ष अश्विन मास में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन देवी दुर्गा का पृथ्वी पर आगमन होता है और उन्होंने असुरों के राजा महिषासुर का वध कर धर्म की रक्षा की थी।
इस अवसर पर विशेषकर बंगाली समुदाय के लोग सुबह-सुबह पारंपरिक रूप से ‘महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र’ का श्रवण और गायन करते हैं। 21 छंदों वाले इस स्तोत्र में माँ भगवती की महिमा और महिषासुर के संहार का वर्णन है। इसे आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माना जाता है और यह देवी महात्म्य पाठ पर आधारित है।
पवित्र स्तोत्र के बाद श्रद्धालु अपने पूर्वजों का स्मरण कर उन्हें भोजन और जल अर्पित करते हुए तर्पण करते हैं।
महालया के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कामना की कि “मां दुर्गा का दिव्य आशीर्वाद सभी को शक्ति, आनंद और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।”
गृह मंत्री अमित शाह ने भी संदेश जारी करते हुए कहा कि “देवी दुर्गा का असीम स्नेह हर घर में खुशी, शक्ति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का संचार करे।”
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