भारत पर टैरिफ के बीच ट्रंप ने लगाई रूस की तेल कंपनियों पर सख्त पाबंदियां, मोदी से बातचीत का बड़ा दावा

संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कदम रूस द्वारा यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए “गंभीर शांति प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता की कमी” के कारण उठाया गया..

भारत पर टैरिफ के बीच ट्रंप ने लगाई रूस की तेल कंपनियों पर सख्त पाबंदियां, मोदी से बातचीत का बड़ा दावा
23-10-2025 - 10:39 AM

वॉशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कदम रूस द्वारा यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए “गंभीर शांति प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता की कमी” के कारण उठाया गया है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए अमेरिकी वित्त विभाग का बयान प्रकाशित किया, जिसका शीर्षक था, वित्त विभाग ने रूस की प्रमुख तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए, मास्को से तुरंत संघर्षविराम पर सहमति की अपील की।”

यह पहली बार है जब ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर सीधे प्रतिबंध लगाए हैं।

 19वां प्रतिबंध पैकेज और गैस आयात पर रोक

इससे पहले बुधवार को ही अमेरिका ने रूस पर 19वें प्रतिबंध पैकेज को मंजूरी दी, जिसमें रूसी प्राकृतिक गैस के आयात पर भी प्रतिबंध लगाया गया। इन नए प्रतिबंधों का उद्देश्य रूस को युद्ध रोकने के लिए मजबूर करना है, जो अब अपने चौथे वर्ष में प्रवेश करने वाला है।

ताज़ा अमेरिकी कार्रवाई के तहत रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियाँ—
रॉसनेफ्ट ऑयल कंपनी (Rosneft) और लुकोइल (Lukoil) पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने कहा, राष्ट्रपति पुतिन द्वारा इस निरर्थक युद्ध को समाप्त करने से इनकार करने के कारण, वित्त विभाग रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगा रहा है, जो क्रेमलिन की युद्ध मशीन को वित्तपोषित करती हैं। आवश्यकता पड़ी तो हम राष्ट्रपति ट्रंप के युद्ध समाप्त करने के प्रयासों को समर्थन देने के लिए और कदम उठाने को तैयार हैं। हम अपने सहयोगियों से आग्रह करते हैं कि वे भी इन प्रतिबंधों में हमारा साथ दें।”

ट्रंप के दावे: “मोदी ने वादा किया—भारत रूस से ज्यादा तेल नहीं खरीदेगा”

अमेरिका द्वारा इन प्रतिबंधों की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि भारत रूस से अब ‘बहुत अधिक तेल नहीं खरीदेगा।’

दीवाली समारोह के दौरान व्हाइट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मोदी से फोन पर बात की थी। उन्होने कहा, मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की... हमारा रिश्ता बहुत अच्छा है। उन्होंने कहा कि भारत रूस से अब ज्यादा तेल नहीं खरीदेगा। वे भी उतना ही चाहते हैं जितना मैं चाहता हूँ कि यह युद्ध जल्द खत्म हो।”

ट्रंप ने आगे कहा, मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त होते देखना चाहते हैं, और जैसा कि आप जानते हैं, भारत अब ज्यादा तेल नहीं खरीद रहा है। उन्होंने अपनी खरीदारी में काफी कटौती की है और इसे और घटा रहे हैं।”

भारतीय अधिकारियों ने ट्रंप के इस दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि पिछले सप्ताह जब ट्रंप ने इसी तरह का दावा किया था, तो विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा था कि उन्हें “ऐसी किसी बातचीत की जानकारी नहीं है।”

इस पर ट्रंप ने कहा था, अगर वे ऐसा कहते हैं, तो फिर उन्हें भारी टैरिफ देना जारी रखना होगा — और वे ऐसा नहीं चाहते।”

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए हुए हैं, जिनमें से आधे टैरिफ रूस से तेल खरीद के कारण “दंडात्मक” हैं।

 किन रूसी कंपनियों पर लगे प्रतिबंध?

प्रतिबंधित दो कंपनियाँ रॉसनेफ्ट और लुकोइल रूस की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनियाँ हैं, जिन पर अमेरिका के साथ-साथ ब्रिटेन ने भी पिछले सप्ताह प्रतिबंध लगाए थे।

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, रॉसनेफ्ट एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड ऊर्जा कंपनी है जो पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और उसके उत्पादों की खोज, उत्पादन, शोधन, परिवहन और बिक्री में संलग्न है।
वहीं लुकोइल रूस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की खोज, उत्पादन, रिफाइनिंग, विपणन और वितरण का काम करती है।”

 ट्रंप-पुतिन बैठक पर रोक

हाल ही में हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में दो सप्ताह के भीतर ट्रंप और पुतिन की संभावित बैठक की घोषणा की गई थी।
लेकिन मंगलवार को व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप की अपने रूसी समकक्ष से “निकट भविष्य में” कोई मुलाकात की योजना नहीं है।

बुधवार को नाटो महासचिव मार्क रुट्टे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, हमने राष्ट्रपति पुतिन के साथ बैठक रद्द कर दी है। मुझे यह ठीक नहीं लगा, इसलिए हमने इसे स्थगित कर दिया।”

हालाँकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मध्य पूर्व की यात्रा से पहले कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका रूस से संवाद की संभावना को खुला रखना चाहता है, भले ही हमने उस पर प्रतिबंध लगाए हों।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।