जेसन मिलर कौन हैं? ट्रंप के लंबे समय से सलाहकार और भारत से जुड़े लॉबिस्ट, व्यापार तनाव के बीच सुर्खियों में
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी अभियानों से जुड़े लंबे समय से राजनीतिक सलाहकार और संचार रणनीतिकार जेसन मिलर एक बार फिर चर्चा में हैं। मिलर वर्तमान में लॉबिंग फर्म SHW पार्टनर्स LLC के प्रमुख हैं। हाल ही में उन्हें डोनाल्ड ट्रंप के साथ देखा गया। यह मुलाकात उस समय हुई जब अमेरिका ने भारतीय आयात पर कड़े टैरिफ लगाए, जिसका कारण भारत द्वारा रूस से लगातार कच्चे तेल की खरीद को
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी अभियानों से जुड़े लंबे समय से राजनीतिक सलाहकार और संचार रणनीतिकार जेसन मिलर एक बार फिर चर्चा में हैं।
मिलर वर्तमान में लॉबिंग फर्म SHW पार्टनर्स LLC के प्रमुख हैं। हाल ही में उन्हें डोनाल्ड ट्रंप के साथ देखा गया। यह मुलाकात उस समय हुई जब अमेरिका ने भारतीय आयात पर कड़े टैरिफ लगाए, जिसका कारण भारत द्वारा रूस से लगातार कच्चे तेल की खरीद को बताया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मिलर की फर्म का भारतीय मिशन (दूतावास) के साथ एक साल का 1.8 मिलियन डॉलर (लगभग ₹15 करोड़) का लॉबिंग समझौता हुआ है।
हालांकि, उनकी मुलाकात का खास एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन मिलर ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “वॉशिंगटन में शानदार हफ़्ता, इतने सारे दोस्तों से मुलाकात हुई और अंत में राष्ट्रपति को एक्शन में देखने का मौका मिला!”
उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह मुलाकात भारत से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट के तहत थी या नहीं।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब ट्रंप ने भारत को “करीबी साझेदार” कहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की आलोचना की थी। इसके बावजूद, मोदी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि “भारत-अमेरिका संबंध बेहद सकारात्मक और भविष्य की ओर देखने वाले हैं।”
जेसन मिलर कौन हैं?
- जन्म और परवरिश: एडमंड्स, वॉशिंगटन में।
- शिक्षा: जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से 1997 में पॉलिटिकल साइंस में स्नातक।
- 2010 से 2016: रिपब्लिकन कंसल्टिंग फर्म जेम्सटाउन एसोसिएट्स में पार्टनर और एग्जीक्यूटिव वाइस-प्रेसिडेंट।
- 2016: डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में मुख्य प्रवक्ता बने और बाद में ट्रांजिशन टीम का हिस्सा रहे।
- व्हाइट हाउस: उन्हें व्हाइट हाउस कम्युनिकेशंस डायरेक्टर नियुक्त किया जाना था, लेकिन ट्रंप के पद संभालने से पहले ही पीछे हट गए।
- 2020: ट्रंप के पुनः चुनाव अभियान में सीनियर एडवाइज़र।
- 2021: Gettr नामक कंज़र्वेटिव-समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के CEO बने।
- 2023: Gettr छोड़कर फिर से ट्रंप के 2024 चुनाव अभियान से जुड़े।
उनका परामर्श कार्य अमेरिका से बाहर भी फैला। उन्होंने ब्राज़ील के पूर्व राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो को सलाह दी, जिनकी सरकार गलत सूचना (misinformation) के मामलों में जांच के दायरे में आई। सितंबर 2021 में, मिलर को ब्रासीलिया एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था।
मिलर का विवादित कानूनी इतिहास
- उन्होंने Gizmodo Media Group और अन्य के खिलाफ मानहानि के मुकदमे दायर किए, लेकिन अदालतों (न्यूयॉर्क और फ्लोरिडा) ने पत्रकारिता संरक्षण (fair report doctrine) के तहत उन्हें खारिज कर दिया।
- 2022: 6 जनवरी कैपिटल हमले की जांच समिति के सामने गवाही दी।
- उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने और अन्य ने ट्रंप को बताया था कि आंतरिक आंकड़ों के मुताबिक, वे 2020 का चुनाव हार सकते हैं।
- साथ ही उन्होंने 5 जनवरी 2021 को जारी उस बयान के मसौदे में मदद की, जिसमें तत्कालीन उपराष्ट्रपति माइक पेंस की चुनाव प्रमाणीकरण की स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
निष्कर्ष
एक रणनीतिकार से लेकर लॉबिस्ट तक का सफर तय करने वाले जेसन मिलर अब भी रिपब्लिकन राजनीति के अहम खिलाड़ी हैं। भारत-अमेरिका संबंधों में उनकी ताज़ा भूमिका ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है।
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