पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की तैयारी, परमाणु मुद्दे पर मतभेद बरकरार

वॉशिंगटन। United States और Iran के बीच अगली कूटनीतिक वार्ता सोमवार (20 अप्रैल) को Pakistan की राजधानी Islamabad में होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस बैठक के लिए इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं, हालांकि वॉशिंगटन ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं..

पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की तैयारी, परमाणु मुद्दे पर मतभेद बरकरार
18-04-2026 - 12:14 PM

इस्लामाबाद/वॉशिंगटन। United States और Iran के बीच अगली कूटनीतिक वार्ता सोमवार (20 अप्रैल) को Pakistan की राजधानी Islamabad में होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस बैठक के लिए इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं, हालांकि वॉशिंगटन ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता “बहुत करीब” है और ईरान अपने परमाणु सामग्री को सौंपने पर सहमत हो गया है। हालांकि, तेहरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

ट्रंप का दावा—समझौता बेहद करीब

एक बातचीत में Donald Trump ने कहा, “हम बहुत करीब हैं। यह सभी के लिए अच्छा समझौता होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि Strait of Hormuz खुला रहेगा और दोनों देशों के बीच अब कोई बड़ा मतभेद नहीं बचा है।

ईरान का स्पष्ट रुख—यूरेनियम कहीं नहीं जाएगा

दूसरी ओर, Iran के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि देश अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को किसी भी हालत में कहीं स्थानांतरित नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा, “संवर्धित यूरेनियम हमारे लिए हमारी मिट्टी जितना पवित्र है और इसे किसी भी परिस्थिति में कहीं नहीं ले जाया जाएगा।”

न्यूक्लियर डस्ट’ पर अमेरिका का अलग रुख

इसके बावजूद, Donald Trump ने दोहराया कि अमेरिका ईरान के परमाणु स्थलों से यूरेनियम को हटाकर अपने कब्जे में लेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर बड़े-बड़े खुदाई उपकरणों (एक्सकेवेटर्स) की मदद से इसे निकालेंगे और अमेरिका ले जाएंगे।

एरिज़ोना में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि “हम सबसे बड़े एक्सकेवेटर्स के साथ जाएंगे, ईरान के साथ मिलकर इसे निकालेंगे और जल्द ही अमेरिका ले आएंगे।”

परमाणु मुद्दे पर बनी हुई है खाई

हालांकि, दोनों पक्षों के बयानों से साफ है कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर अभी भी गहरे मतभेद मौजूद हैं। एक ओर जहां अमेरिका इसे समझौते का अहम हिस्सा बता रहा है, वहीं ईरान अपने परमाणु संसाधनों पर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं दिख रहा।

ऐसे में इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां यह तय हो सकता है कि दोनों देश किसी साझा रास्ते पर पहुंच पाते हैं या नहीं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।