प्रोफेसरों की प्रताड़ना से तंग आकर मेडिकल छात्रा ने की आत्महत्या, बालासोर और ग्रेटर नोएडा मामलों के बाद तीसरी दुखद घटना

बालासोर और ग्रेटर नोएडा की आत्महत्याओं के बाद अब एक और दिल दहला देने वाली घटना राजस्थान के उदयपुर से सामने आई है, जिसने छात्रों और अभिभावकों के बीच जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया है। यहां एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली फाइनल ईयर की बीडीएस छात्रा श्वेता सिंह ने अध्यापकों द्वारा की जा रही मानसिक प्रताड़ना..

प्रोफेसरों की प्रताड़ना से तंग आकर मेडिकल छात्रा ने की आत्महत्या, बालासोर और ग्रेटर नोएडा मामलों के बाद तीसरी दुखद घटना
27-07-2025 - 09:44 AM

उदयपुर। बालासोर और ग्रेटर नोएडा की आत्महत्याओं के बाद अब एक और दिल दहला देने वाली घटना राजस्थान के उदयपुर से सामने आई है, जिसने छात्रों और अभिभावकों के बीच जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया है। यहां एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली फाइनल ईयर की बीडीएस छात्रा श्वेता सिंह ने अध्यापकों द्वारा की जा रही मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।

घटना गुरुवार रात लगभग 11 बजे की है, जब जम्मू-कश्मीर निवासी 25 वर्षीय श्वेता सिंह अपने कॉलेज हॉस्टल के कमरे में फांसी पर लटकी मिलीं। उनकी रूममेट ने उन्हें पंखे से लटका पाया।

श्वेता जम्मू-कश्मीर के एक पुलिस कांस्टेबल की बेटी थीं और प्राइवेट कॉलेज “पैसिफिक डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उदयपुर” में अंतिम वर्ष की छात्रा थीं।

 सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

मौके से बरामद हस्तलिखित सुसाइड नोट में श्वेता ने कॉलेज के दो फैकल्टी सदस्यों – "माही मैम" और "भगवत सर" पर लगभग दो वर्षों से मानसिक और भावनात्मक शोषण करने का आरोप लगाया है।

सुसाइड नोट में लिखा गया, "कॉलेज जानबूझकर इंटर्नल एग्जाम में देरी करता है, ईमानदार छात्रों को फेल कर देता है और जो पैसा देते हैं उन्हें पास कर देता है। ये सिस्टम उन छात्रों का खून चूस रहा है जो रिश्वत नहीं दे सकते।"

कॉलेज में छात्रों का विरोध प्रदर्शन

श्वेता की मौत के बाद शुक्रवार सुबह सैकड़ों छात्रों ने कॉलेज कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य गेट को ब्लॉक कर न्याय की मांग की और आरोपी शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कॉलेज प्रशासन ने दोनों आरोपी फैकल्टी मेंबर्स को निष्कासित कर दिया है। कॉलेज के मालिक राहुल अग्रवाल ने भी प्राचार्य रवि कुमार को फटकार लगाई और छात्रों को भरोसा दिलाया कि 2-3 महीनों में उचित समाधान प्रदान किया जाएगा।

 पुलिस जांच जारी

सुखेर थाना पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच कर रही है।
प्रशासन कॉलेज से प्रक्रिया और जवाबदेही को लेकर तालमेल बना रहा है।

छात्रों का आरोप: परीक्षा में लगातार देरी

श्वेता की सहपाठियों ने बताया कि वह "ऑड बैच" की छात्रा थीं – यह श्रेणी उन छात्रों की होती है जो परीक्षा छूटने या उपस्थिति कम होने पर अगले सेमेस्टर में परीक्षा देते हैं।

नियम के अनुसार, ऐसे छात्रों के लिए छह महीने में दोबारा परीक्षा कराई जाती है, लेकिन श्वेता की बार-बार की अपील के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने उनकी परीक्षा नहीं कराई।

एक छात्रा ने बताया,"श्वेता पिछले डेढ़ साल से लगातार चक्कर काट रही थी लेकिन कॉलेज सिर्फ आश्वासन देता रहा।"

मानसिक दबाव ने ली जान

छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन की बेरुखी और लगातार अनिश्चितता ने श्वेता को गंभीर मानसिक तनाव में डाल दिया था।
पारदर्शिता की कमी, सुनवाई का अभाव और उत्पीड़न ने उसकी जिंदगी छीन ली।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।