बल्ले-बल्ले! खुदरा के बाद थोक महंगाई पर भी गुड न्यूज, अब सस्ते लोन की बारी?

<p><em>फल और सब्जियों के दामों में कमी आई है। इसके कारण खुदरा के बाद थोक महंगाई दर में भी नरमी आई है। जनवरी में थोक महंगाई दर घटकर 0.27 फीसदी रह गई। महंगाई में कमी के बाद अब लोगों को सस्ते लोन का भी इंतजार है। आरबीआई ने पिछले हफ्ते रेपो रेट को जस का तस रखा था।</em></p>

बल्ले-बल्ले! खुदरा के बाद थोक महंगाई पर भी गुड न्यूज, अब सस्ते लोन की बारी?
15-02-2024 - 06:25 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

खुदरा के बाद थोक महंगाई दर को लेकर भी गुड न्यूज है। फल और सब्जियों के दाम कम होने से थोक महंगाई दर जनवरी में घटकर तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई। जनवरी में यह 0.27 फीसदी पर रही। दिसंबर 2023 में यह 0.73 फीसदी थी। इसके पहले खुदरा महंगाई के आंकड़ों ने भी राहत दी थी। खुदरा महंगाई की दर जनवरी में कम होकर 5.1 फीसदी रही है। 
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई की दर दिसंबर 2023 में 5.69 फीसदी थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में महंगाई को देखते हुए रेपो रेट को जस का तस रखा था। महंगाई के आंकड़ों में नरमी के बाद क्या अगली समीक्षा में वह सस्ते लोन का रास्ता खोल सकता है? अभी यह कहना मुश्किल है। कारण है कि खुदरा महंगाई को चार फीसदी पर लाने के मकसद से ही उसने पॉलिसी रेट को स्थिर रखा था। 
रिटेल इंफ्लेशन अब भी पांच फीसदी से ऊपर है। रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) वाणिज्यिक बैंकों को छोटी अवधि के कर्ज देता है। जब आरबीआई रेपो घटाता है तो वाणिज्यिक बैंकों के लिए आरबीआई से उधार लेना सस्ता हो जाता है। बदले में वे ग्राहकों के लिए लोन सस्ता करते हैं।
सरकार ने क्या दी जानकारी?
थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई की दर अप्रैल से अक्टूबर तक लगातार शून्य से नीचे बनी हुई थी। नवंबर में यह 0.39 फीसदी थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को बताया थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई की दर जनवरी में लिए 0.27 फीसदी (अस्थायी) रही।’ थोक महंगाई जनवरी 2023 में 4.8 फीसदी थी।
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2024 में खाद्य सामग्री की महंगाई दर 6.85 फीसदी रही जो दिसंबर 2023 में 9.38 फीसदी थी। इनमें सब्जियों की महंगाई दर 19.71 फीसदी रही जो दिसंबर 2023 में 26.3 फीसदी रही थी। आलू की महंगाई नकारात्मक दायरे में रही। फल, अंडे, दूध, मछली और दूध की कीमतों में गिरावट आई है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।