भाजपा सांसद का आरोप, टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए ली रिश्वत
<p><em><strong>बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष से तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।</strong></em></p>
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर कैश-गिफ्ट लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया है। टीएमसी सांसद पर आरोप लगा है कि उन्होंने अडाणी ग्रुप को निशाना बनाने के लिए पैसे लेकर सवाल पूछे हैं। झारखंड से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि महुआ ने कैश-गिफ्ट के लिए संसद में सवाल पूछे थे। बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत लेकर ये सवाल पूछे गए थे। महुआ ने अदाणी ग्रुप के खिलाफ सवाल संसद में पूछे और दर्शन हीरानंदानी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की।
तत्काल निलंबित करने की मांग
निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष से तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। बीजेपी सांसद ने यह शिकायत एडवोकेट जय अनंत देहाद्री द्वारा उन्हें लिखे गए पत्र के आधार पर दर्ज करवाई है। वहीं, इस पूरे मामले पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा है कि वो किसी भी तरह की जांच का स्वागत करती हैं।
महुआ को चुनाव लड़ने के लिए मिले थे 75 लाख
आरोप है कि सवाल पूछने के बदले हीरानंदानी ने महुआ को कैश और गिफ्ट दिए थे। दर्शन ने 2019 का चुनाव लड़ने के लिए महुआ को 75 लाख रुपये दिए थे। दर्शन ने महुआ को महंगे आईफोन भी दिए थे। दर्शन ने महुआ को आबंटित सरकारी आवास की मरम्मत कराई थी। आरोप में ये भी कहा गया है कि महुआ ने दर्शन को अपने लोकसभा अकाउंट का एक्सेस दिया था। सवाल या तो दर्शन ने खुद पोस्ट किए या दर्शन के कहने पर महुआ ने पोस्ट किए थे। 2019 से 2023 के बीच पूछे गए 61 सवालों में से 50 सवाल हीरानंदानी के कहने पर पूछे गए थे।
कैश के बदले सवाल है अपराध
कैश के बदले सवाल सेक्षन 120 के तहत अपराध है। इसके तहत पहले भी कई सांसदों की सदस्यता गई है। बीजेपी सांसद ने महुआ के खिलाफ जांच कमेटी बनाने की मांग की है। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक महुआ को सस्पेंड करने की मांग की गई है। निशिकांत दुबे ने एडवोकेट जय अनंत देहाद्री की चिट्ठी के आधार पर ये शिकायत की है।
एडवोकेट जय अनंत देहाद्री ने निशिकांत दुबे को क्या-क्या बताया?
2021 में दर्शन ने महुआ को 2 करोड़ रुपये दिए। 2 करोड़ रुपये इंटरनेशनल मीडिया में अडानी और पीएम मोदी को निशाना बनाने के लिए दिए गए थे। जुलाई 2019 में दर्शन के पीए ने महुआ के घर अडानी के खिलाफ डोजियर पहुंचाया। अडानी पर महुआ के आरोपों की झलक हिंडनबर्ग रिपोर्ट में भी दिखती है। सवाल पीएम मोदी और अडानी ग्रुप को टारगेट करने के लिए पूछे गए थे। ये सवाल हीरानंदानी के हितों से जुड़े थे।
दर्शन हीरानंदानी कौन हैं?
दर्शन हीरानंदानी रियल एस्टेट के बड़े कारोबारी निरंजन हीरानंदानी के बेटे और रियल एस्टेट बिजनेस हीरानंदानी ग्रुप के होने वाले सीईओ हैं। एनर्जी, शिक्षा और हेल्थकेयर में भी इनके कारोबार हैं। नवंबर 2017: पैराडाइज पेपर में इनके ऊपर आरोप लगे थे। हालांकि हीरानंदानी के प्रवक्ता ने कहा कि ये आरोप गलत हैं। हम कारोबार करते हैं, राजनीति नहीं। हम देश की भलाई के लिए सरकार से मिलकर काम करते रहे हैं और करते रहेंगे।
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