Adani case : अडानी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को दिए निर्देश, '2 महीने में पूरी हो जाँच '
<p><em>सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को 2 महीने में जांच पूरी करने का निर्देश दिया साथ ही कहा कि भारतीय निवेशकों की संरक्षण के लिए जांच जरूरी है। कोर्ट ने नियामक ढांचे की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया। वही दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम टोनी एबॉट ने अडानी का समर्थन किया है </em></p> <quillbot-extension-portal></quillbot-extension-portal>
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय मनोहर सप्रे के नेतृत्व में कमेटी बनाई गयी। कमेटी के अन्य सदस्य है, ओपी भट्ट, जस्टिस जेपी देवधर, केवी कामथ, नंदन निलकेनी, शेखर सुंदरेशन। इसके साथ ही केंद्र, वित्तीय सांविधिक निकायों, सेबी चेयरपर्सन को समिति को जांच में पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में हुई सुनवाई में कहा था कि कोर्ट अपनी तरफ से कमेटी बनाएगा।
गौतम अडानी ने किया कोर्ट के फैसले का स्वागत
अडानी ग्रुप के चेयरमैन ने गौतम अडानी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, हम सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हैं। यह समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप लाएगा। सत्य की जीत होगी। ’
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम टोनी एबॉट ने किया अडानी का समर्थन
एबॉट ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा , ‘‘अडाणी और उनके समूह के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है, अडाणी की कारमाइकल खदानों से उत्पादित कोयला ‘निश्चित रूप से भारत में विद्युतीकरण को बढ़ावा देगा।" उन्होंने कहा, ‘‘मैं अडाणी खदान के पक्ष में हूं। मैं अडाणी और उनकी टीम को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने भारतीयों को बिजली और ऑस्ट्रेलिया को रोजगार और समृद्धि देने के लिए बहुत कुछ किया। ’’ उन्होंने भारतीयों को बिजली और ऑस्ट्रेलिया को रोजगार और समृद्धि देने के लिए बहुत कुछ किया।
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने 17 फरवरी को फैसला सुरक्षित रखते हुए प्रस्तावित विशेषज्ञ पैनल पर केंद्र के सुझाव को सीलबंद लिफाफे में स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा तथा न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने कहा था कि वह निवेशकों के संरक्षण के लिए पूरी पारदर्शिता चाहती है।
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