जी20 समिट: जमीन से आसमान तक दिल्ली की किलेबंदी, दुनिया के टाॅप लीडर्स की कतार
<p><em><strong>दिल्ली जी20 शिखर सम्मेलन के लिए पूरी तरह किले में तब्दील कर दी गई है। यातायात पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं, स्कूल-कॉलेज बंद है, सुरक्षा के लिए लड़ाकू विमान तैनात हैं, पूरे शहर में बैनर नजर आ रहे हैं। कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत पहुंच गए हैं, ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं।</strong></em></p>
देश की राजधानी दिल्ली में 8 सितंबर सुबह 5 बजे से सख्त यातायात नियम लागू हो गए, जो रविवार रात 11 बजकर 59 मिनट तक जारी रहेंगे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जी20 कार्यक्रम के दौरान एम्बुलेंस, दवाइयों और अन्य आवश्यक सेवाओं में काम करने वाले लोगों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति दी जाएगी।
केवल अपने क्षेत्र में निकल सकेंगे
जी20 समिट के दौरान स्थानीय लोगों और पर्यटकों के वाहनों को भी आने-जाने की अनुमति होगी, लेकिन केवल उस क्षेत्र में जहां वे रह रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से पैदल चलने, साइकिल चलाने या पिकनिक के लिए इंडिया गेट और कर्तव्य पथ पर न जाने का आग्रह किया है।
स्कूल-बैंक, सरकारी आॅफिस बंद
शिखर सम्मेलन के दौरान यातायात को आसान बनाने के लिए स्कूल, बैंक और सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। पड़ोसी राज्यों की सीमाएं भी सील कर दी जाएंगी।
एक लाख सुरक्षाकर्मी सड़कों पर
दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। 100,000 से अधिक पुलिस और सुरक्षाकर्मियों के लड़ाकू विमानों, उन्नत एआई-आधारित कैमरों, जैमिंग उपकरणों और खोजी कुत्तों के साथ सड़कों पर गश्त करने की उम्मीद है।
पांच हजार सीसीटीवी कैमरे
अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस शहर भर में लगे 5,000 सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क की मदद से अपने अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष से शिखर सम्मेलन के दौरान घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखेगी।
जलवायु परिवर्तन और गरीबी पर चर्चा
शिखर सम्मेलन में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले समूह जी20 के नेता भाग लेंगे और जलवायु परिवर्तन और गरीबी जैसी दुनिया की कुछ सबसे गंभीर समस्याओं पर चर्चा करेंगे। इस दौरान यूक्रेन और रूस युद्ध पर भी चर्चा संभव है।
चीन ने बनाई सम्मेलन से दूरी
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, अमेरिका और भारत के साथ बढ़े व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव के कारण जी20 बैठक में भाग नहीं ले रहे हैं। हालांकि, चीन की ओर से कहा गया है कि वह इस आयोजन को सफल बनाने में पूरी सहायता करेगा।
अमेरिका दिखाएगा जिम्मेदार छवि
जी20 शिखर सम्मेलन में बाइडेन यह दिखाने की कोशिश करेंगे कि बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अमेरिका, चीन या रूस की तुलना में बेहतर भागीदार है और जी20 एक प्रमुख मंच बना हुआ है।
What's Your Reaction?