पार्टी में गडकरी और शिवराज का कद घटा
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने संसदीय बोर्ड के नये सदस्यों के नामों की घोषणा कर दी। लेकिन, आश्चर्यजनक रूप से पार्टी की इस सबसे ताकतवर समझी जाने वाली बॉडी से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हटा दिया है। इसके अलावा उन्होंने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में सबसे सक्रिय कहे जाने वाले मंत्री नितिन गडकरी को भाजपा की चुनाव समिति से हटा दिया है। इस तरह समझा जा राह है कि इन दोनों ही कद्दावर नेताओं का कद पार्टी में कमतर किया गया है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बीजेपी अध्यक्ष पद के कार्यकाल के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संसदीय बोर्ड में शामिल किया था। लेकिन, अब उन्हें संसदीय बोर्ड से हटा दिया गया है। यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि भाजपा की इस सर्वोच्च नीति निर्धारक बॉडी में भाजपा शासित राज्यों का कोई भी मुख्यमंत्री शामिल नहीं है।
इसी पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे शहनवाज हुसैन भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति में हुआ करते थे। फिर 2020 में बिहार में भाजपा व जनता दल यूनाइटेड के गठबंधन की सरकार बनी। राज्य में उन्हें मंत्री बनने का मौका मिला लेकिन अब नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल से हाथ मिला लिया और महागठबंधन की सरकार बना सी है। इधर शहनवाज की बिहार में मंत्री की कुर्सी चली गई और उधर केंद्रीय चुनाव समिति से भी उन्हें हटा दिया गया है।
कर्नाटक में भाजपा के दिग्गज नेता बीएस येदियुरप्पा को संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया है। कर्नाटक में येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा था लेकिन अब पार्टी उन्ही के कंधों पर कर्नाटक में 2023 में राज्य विधानसभा चुनाव को साधने की रणनीति बना चुकी है। इसी तरह महाराष्ट्र में तमाम झंझटों के बाद भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाने वाले देवेंद्र फडणवीस को भी इनाम दिया गया है। उन्हें संसदीय बोर्ड में तो शामिल नहीं किया गया है लेकिन केंद्रीय चुनाव समिति में उन्हें जगह दी गई है। इसी तरह असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल का पार्टी में कद बढ़ गया है।
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