उहापोह में जी रहे गहलोत राहुल को फिर मनाएंगे, थरूर आत्मविश्वास से लबरेज
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर आज यानी 22 सितंबर 2022 को अधिसूचना जारी होने जा रही है। इससे पहले गांधी परिवार से अलग अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के किरदारों का बालाजी टेलीफिल्म्स के टेलीविजन धारावाहिकों की तरह नाटकीयता पूरे रोमांच पर है।
एक ओर जहां दिग्गज नेता शशि थरूर जो खुलकर दिल की बात कहने के लिए मशहूर हैं, उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोंक ली है। अधिसूचना से पहले ही वे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के संकेत दे चुके हैं और पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री से मुलाकात कर नामांकन की प्रक्रिया की सारी जानकारी ले चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक वे 24 सितंबर को अपने किसी व्यक्ति को नामांकन फॉर्म लेने के लिए भेजेंगे।
दूसरी ओर, अशोक गहलोत अब भी अगर-मगर ही कर रहे हैं। उनके लिए उहापोह की स्थित हो गई है। वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रतिष्ठित पद पर बैठना तो चाहते हैं मगर दिसंबर 2022 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के इच्छुक बिल्कुल नहीं है। अपनी इस मंशा को स्पष्ट रूप से वे जता भी चुके हैं।
गहलोत अपनी उहापोह की स्थिति में सोनिया गांधी से मिल चुके हैं। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा है कि पार्टी के लोगों का जो फैसला होगा वे उसे स्वीकार करेंगे मगर इससे पहले वे एक बार फिर राहुल गांधी से गुरुवार, 22 सितंबर को कोच्चि जाकर मुलाकात करेंगे और उन्हें अध्यक्ष पद के लिए मनाएंगे। गहलोत की उहापोह की स्थिति इसलिए है क्योंकि कांग्रेस में अभी एक व्यक्ति, एक पद वाला सिद्धांत चर्चा में जरूर है लेकिन जब उम्मीदवार चुनाव में जीत हासिल कर लेगा, उसके बाद यह बात सामने आएगी।
एक अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह के बारे में एक चैनल के माध्यम से खबर आ रही है कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष बनने की अपनी संभावनाओं से स्पष्टतौर पर इनकार नहीं किया है। यद्यपि सिंह ने इस खबर के बाद व्यंग्यात्मक लहजे में ‘मेरी बात तो स्पिन देने के लिए धन्यवाद’ कहकर टिप्पणी की है।
What's Your Reaction?