पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना ने दिखाया रौद्र रूपः घबराई चीनी सेना ने बदले प्लान
<p><em><strong>खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक इसी साल जनवरी में ही ये महत्वपूर्ण तब्दीली की गई है। शिंगजियान मिलिट्री में 70 हजार से ज्यादा सैनिक है।</strong></em></p>
पूर्वी लद्दाख में एलएसी के करीब भारत ने पिछले 3 साल में सेना ने 12 हजार करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए। अक्सइ चिन में काराकोरम हाइवे के दरवाजे तक डीएसडीबीओ रोड पहुंचाया तो चीन बेचैन हो उठा था और उसी सड़क पर ताकझांक के मकसद से गलवान में नया फ्रिक्शन प्वाइंट बनाया। चीन को लगा था कि भारत पहले की तरह ही डर कर बातचीत का रास्ता चुनेगा लेकिन इस बार एसा नहीं हुआ.और यहीं से चीन हाई ऑलटेट्यूड में अपनी रणनीति में जबरदस्त बदलाव लाया है।
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन पीएलए की री-स्ट्रक्चरिंग तो पहले से ही करने में लगा था लेकिन अब पीएलए ने शिंजियान मिलेट्री डिस्ट्रिक्ट में पीएलए की चार डिविजन. 4जी मैकेनाइज इंफेंट्री और 6,8 और 11 मोटेराइजड इंफेंट्री डिविजन को कंबाइंड आर्मड ब्रिगेड में तब्दील कर दिया। यानी कि चीन ने अपनी इन चार डिविजन को ब्रिगेड में तब्दील कर उसमें सेना के अन्य कॉम्पोनेन्ट जोड़ दिए। पूर्वी लद्दाख के दूसरी ओर चीन ने अपनी काॅम्बेट और फायर पावर को मजबूत करने के मकसद से ये तब्दीली की है। इससे मैकइंफैंट्री के साथ साथ एयर डिफेंस, लॉजिस्टिक में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। अगर कंबाइंड आर्म ब्रिगेड की बात करें तो इसमें 4 कंबाइंड आर्म बटालियन, रेकानेन्स बटालियन, आर्टेलरी टैंक बटालियन , एयर डिफेंस बटालियन, कॉम्बेट सपोर्ट बटालियन और कॉम्बेट सर्विस बटालियन शामिल है।
भविष्य की भारत से लड़ाई की तैयारी
जानकारों की मानें तो चीन के इस बदलाव के पीछे की सबसे बड़ी वजह है भारतीय सेना के साथ हाई ऑलटेट्यूड एरिया में भविष्य की लड़ाई के लिए खुद को तैयार करना। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक इसी साल जनवरी में ही ये महत्वपूर्ण तब्दीली की गई है। शिंगजियान मिलिट्री में 70 हजार से ज्यादा सैनिक है। इन चार डिविजन के अलावा आर्टलरी ब्रिगेड, स्पेशल ऑपरेशन फोर्स ब्रिगेड, 2 इंडिपेंडेंट रेजिमेंट और 2 बॉर्डर डिफेंस रेजिमेंट आती है। चीन ने अपनी मिलिट्री और उसकी कमॉन्ड को ढांचे रूसी के सैन्य ढांचे को देखते हुए बनाया था।
चीनी सैनिकों में मची खलबली
भारत में भी थियेटर कमॉन्ड बनने की प्रक्रिया पर काम जारी है। चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए इंटीग्रेटेड बैटेल ग्रुप बना रहा है। ऊंचे पहाड़ो में लड़ाई को बेहतर ढंग से लड़ने के लिए भारतीय सेना ने माउंटेन कोर को पहले ही बना दिया है और इन माउंटेन कोर में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप बनेंगे, जिससे आने वाले दिनों में अब तक सेना के फॉर्मेशन का अहम हिस्सा रहे डिविजन अब खत्म हो जाएंगे। भारतीय सेना ने अपनी पश्चिमी और पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा के लिए 11 से 13 इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप बनाने और तैनात करने की योजना बनाई है। चीन को भारत के इस प्लान से भी खासा डर सता रहा है।
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