सिंगापुर में मिले 24 देशों के जेम्सबांड: तारीख और एजेंडा तक सबकुछ गोपनीय
<p><em><strong>सिंगापुर में पिछले हफ्ते 24 से ज्यादा देशों के इंटेलिजेंस चीफ की सीक्रेट मीटिंग हुई। दुनिया के तमाम ताकतवर देशों के खुफिया प्रमुख शामिल हुए। इनमें भारत, अमेरिका और चीन भी शामिल हैं।</strong></em></p>
इंटेलिजेंस चीफ्स का एक प्लेटफॉर्म पर एक साथ मौजूद रहना बड़ी बात नहीं है। लेकिन, इसमें जो खास है, वो हैरान करता है। दरअसल, यह मीटिंग कई साल से होती आ रही है। लेकिन, इसकी खबर कभी मीडिया को नहीं लगी। ये पहली बार हुआ कि इसकी जानकारी दुनिया को मिली। हालांकि, एजेंडा और बाकी चीजें अब भी किसी को नहीं मालूम।
सिंगापुर में 2022 से शंग्रीला डायलॉग एंड सिक्योरिटी मीटिंग होती है। पिछले हफ्ते यह मीटिंग हुई और इसके फौरन बाद इंटेलिजेंस चीफ्स की मीटिंग हुई। रिपोर्ट के मुताबिक-इस तरह की मीटिंग्स सिंगापुर गवर्नमेंट ऑर्गनाइज करती है। इसके लिए जगह भी सीक्रेट रखी जाती है। यह पहली बार है कि खुफिया प्रमुखों की इस मीटिंग की जानकारी सामने आई है।
अमेरिका की तरफ से डायरेक्टर ऑफ इंटेलिजेंस एवरिल हेन्स शिरकत के लिए पहुंचीं। वैसे तो अमेरिका और चीन के बीच कई मुद्दों पर जबरदस्त तनाव चल रहा है, लेकिन चीन के इंटेलिजेंस चीफ यहां मौजूद थे।
हमारे राॅ चीफ भी मौजूद
भारत की फॉरेन इंटेलिजेंस एजेंसी राॅ के चीफ सामंत गोयल भी यहां मौजूद थे। मीटिंग से वाकिफ एक सूत्र ने कहा- यहां इंटरनेशनल शेडो एजेंडा था। यहां कारोबार या दूसरे मामलों पर नहीं बल्कि बेहद संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत होती है। मीटिंग में शामिल हर देश के इंटेलिजेंस चीफ ने दूसरे देश के इंटेलिजेंस चीफ से अलग से भी मुलाकात की।
सबने साध रखी है चुप्पी
मामला कितना सेंसेटिव रहा होगा, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सिंगापुर में मौजूद अमेरिकी एम्बेसी ने तो ऐसी किसी मीटिंग से ही इनकार कर दिया। भारत और चीन की तरफ से भी मीटिंग के बारे में गहरी चुप्पी साध ली गई। ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के इंटेलिजेंस चीफ्स भी यहां मौजूद थे। इस तरह की मीटिंग्स अमूमन होती नहीं हैं।
रूस शामिल नहीं हुआ
रिपोर्ट के मुताबिक- रूस की तरफ से कोई अफसर मीटिंग में शामिल नहीं था। हालांकि, शंग्रीला डायलॉग में उसके अफसर मौजूद थे। शंग्रीला में 49 देशों के 600 डेलिगेट्स शामिल हुए थे। जापान, इंडोनेशिया और साउथ कोरिया को स्पेशल इनविटेशन दिया गया था। माना जा रहा है कि दुनिया को किसी बड़े खतरे से बचाने के लिए सायबर सिक्योरिटी पर फोकस ज्यादा रहा। एक सोर्स के मुताबिक- कई ऐसी बातें हैं, जो इस मीटिंग में डिस्कस तो हुईं, लेकिन उन्हें रिपोर्ट नहीं किया जा सकता। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के डायरेक्टर शुक्रवार तक सिंगापुर में थे। माना जा रहा है कि उन्होंने चीन के इंटेलिजेंस चीफ से अलग से मुलाकात की थी। अमेरिका ने चीन से कहा है कि हर लेवल पर कम्युनिकेशन जरूरी है।
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