शुरू हो रहा है मलमास, अब 30 दिन के लिए रुक जाएंगे सारे शुभ कार्य
<p>हिन्दू धर्म में शुभ मूहुर्त का विशेष महत्व रहता है। शादी हो या ग्रह प्रवेश सभी शुभ कार्य मूहुर्त देखकर किए जाते हैं। देवउठनी एकादशी से शुभकार्य शुरू हो जाते हैं जो कि देवशयनी एकादशी तक चलते हैं। इसी बीच एक माह के लिए मलमास लग जाता है। हिंदू धर्म में खरमास या मलमास का भी विशेष महत्व है। कहते हैं कि चातुर्मास की तरह खरमास/मलमास के दौरान भी कोई मांगलिक और शुभ कार्य नहीं किए जाते। इस साल 16 दिसंबर शुक्रवार से लेकर 14 जनवरी 2022 तक खरमास लग रहा है। </p> <p> </p>
इस दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या फिर किसी नई चीज का खरीदना जैसे कार्य नहीं किए जा सकते हैं इसलिए शुक्रवार, 16 दिसंबर से लेकर 14 जनवरी तक कोई विवाह मुहूर्त नहीं है। कहते हैं कि इस दौरान भगवान भास्कर यानी सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
शुक्रवार, 16 दिसंबर से लग रहा है मलमास
हिन्दू धर्म में शुभ मूहुर्त का विशेष महत्व रहता है। शादी हो या ग्रह प्रवेश हो सभी शुभ कार्य मूहुर्त देखकर किए जाते हैं। देवउठनी एकादशी से शुभकार्य शुरू हो जाते हैं। जो कि देवशयनी एकादशी तक चलते हैं। इसी बीच एक माह के लिए मलमास लग जाता है। इस दौरान शादी समारोह और कई शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। शुक्रवार, 16 दिसंबर से आगामी एक माह तक के लिए शुभ कार्यों पर रोक जाएगी। यह मकर संक्रांति के दिन समाप्त होगा। इसके बाद फिर से शादी समारोह और शुभकार्यों की गूंज सुनाई देगी। बता दें कि मलमास का कई राशियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
मलमास या खरमास क्या होता है
धर्मशास्त्रियों के मतानुसार बृहस्पति धनु राशि का स्वामी होता है। बृहस्पति का अपनी ही राशि में प्रवेश करने को खरमास व मलमास कहते हैं। यह मनुष्यों के लिए सुखद फलदायक नहीं होता है। यह मलमास इस बार 16 दिसम्बर से शुरू होने जा रहा है। आगामी एक माह तक मलमास रहेगा जिसमें कोई भी शुभकार्य नहीं हो सकेंगे।
दान पुण्य का होता है बड़ा महत्त्व
मलमास में मांगलिक कार्य तो नहीं हो सकते लेकिन पूजा पाठ और दान पुण्य का विशेष महत्व रहता है। इसके प्रभाव से बचने के लिए पौष माह में दाल के बड़े यानी पकौड़ों के भोग का आयोजन किया जाता है। तेल से बनी चीजों का दान करना चाहिए। मलमास से धनु, वृश्चिक, मीन, वृषभ, कर्क राशि पर अशुभ प्रभाव होंगे जबकि अन्य राशियों पर इसका मिला जुला असर होने वाला है। यह मलमास आगामी 14 जनवरी तक रहेगा। बता दें कि मलमास में दान पुण्य का विशेष महत्व रहेगा।
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