जयपुर के पॉश इलाके में फिर बेखौफ घूमता दिखा तेंदुआ, लोगो में फैली सनसनी, वन विभाग का रवैया सुस्त
राजस्थान की राजधानी जयपुर में जगतपुरा इलाके की एक पॉश कॉलोनी पामकोर्ट में शुक्रवार, 14 अ्कटूबर की रात अचानक एक तेंदुए के दिखने से सनसनी फैल गई। तेंदुआ काफी देर तक कॉलोनी में इधर-उधर घूमता रहा। रात में भोजन के बाद टहलन के लिए निकले एक युवक ने देखा तो सबको सूचना दी और इसके बाद कॉलोनीवासी मारे दहशत के अपने घरों में कैद हो गए।
तेंदुए की सारी गतिविधि सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई। हैरानी की बात है कि कॉलोनी के लोगों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी फिर भी कोई कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
निवासियों में भय का माहौल
पामकोर्ट कॉलोनी में रहने वाले वाले एक युवक ने बताया कि शुक्रवार, 14 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे वे खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से बाहर निकले थे। तभी सड़क की दूसरी ओर से लेपर्ड उनकी ओर आता नजर आया। इस पर वह भाग कर अपने घर में आ गए। सभी को लेपर्ड के आने की जानकारी दी। पड़ोसियों को भी बताया। पूरी कॉलोनी में दहशत फैल गई। डर के मारे सभी लोगों ने खुद को घरों में ही बंद लिया।
कॉलोनी के ही एक अन्य शख्स ने बताया कि इससे पहले भी यहां लेपर्ड का मूवमेंट देखा गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने तब से अब तक लोगों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया। वहीं, बीती रात एक बार फिर यहां रहने वाले सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ गई। वन विभाग अब भी इस पूरे मामले पर खानापूर्ति ही कर रहा है। विभाग को झालाना वन क्षेत्र की फेंसिंग को मजबूत करना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो।
इधर, जगतपुरा निवासी ने बताया 'बीती रात लेपर्ड के आने के बाद हमने वन विभाग को इसकी जानकारी दी थी लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने हमें अपने घरों में रहने की हिदायत दी। कहा गया कि हम अपने डॉग्स को भी अंदर रखें। इसकी वजह से लोगों ने पूरी रात खौफ के साए में बिताई। अब तक लेपर्ड को पकड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।'
वन विभाग का रवैया कुछ यूं रहा
मामले पर डिस्ट्रिक्ट फाॅरेस्ट ऑफिसर कपिल चंद्रावल और रेंजर जनेश्वर चौधरी से बात कर वन विभाग का पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन दोनों ही अफसरों ने फोन नहीं उठाया। वन्य जीव प्रेमी चमन सिंह ने बताया कि पाम कोर्ट कॉलोनी झालाना लेपर्ड रिजर्व के नजदीक है। ऐसे में कई बार खाने की तलाश में लेपर्ड वन क्षेत्र से शहरी इलाके में पहुंच जाते हैं। वे कुत्ते और मवेशियों को अपना शिकार बनाने की कोशिश करते हैं। अब तक लेपर्ड ने किसी भी इंसान पर हमला नहीं किया है।
पहली बार नही है यूं तेंदुए का जंगल से बाहर आना
इससे पहले भी कई बार झालाना वन क्षेत्र से लेपर्ड रिहाइशी इलाकों में पहुंच चुके हैं। करीब दिनों पहले जयपुर के मोती डूंगरी की पहाड़ियों में लेपर्ड ने दस्तक देकर आम जनता को परेशान कर दिया था। वहीं बीते दिनों ओटीएस में लेपर्ड मूवमेंट के बाद सरकार के आला अधिकारी भी टेंशन में आ गए थे करीब 10 महीने पहले भी एक लेपर्ड झालाना के जंगलों से निकल कर मालवीय नगर की पॉश कॉलोनी में घुस गया। करीब तीन घंटे तक लोगों में तेंदुए की दहशत बनी रही। आखिरकार मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में कैद किया था।
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