मिसाइलें, लड़ाकू ड्रोन और असलहा... गाजा युद्ध से बेअसर इजरायल के हथियारों की आपूर्ति
<p>इजरायल गाजा में अपने सैन्य अभियान में बीते चार महीने से काफी ज्यादा घिरा हुआ है। उसे इस पर कई तरह की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। लाल सागर में भी हूती विद्रोहियों के साथ इजरायल और अमेरिकी नौसेना का टकराव लगातार देखने को मिल रहा है।</p>
इजरायल बीते चार महीने से ज्यादा समय से गाजा पट्टी में युद्ध में उलझा हुआ है। गाजा में जारी लड़ाई के बावजूद इजरायल का भारत को सैन्य निर्यात प्रभावित नहीं हुआ है। अपने सबसे बड़े रक्षा खरीदार भारत को इजरायल तय समय पर सभी हथियारों की आपूर्ति कर रहा है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले के करीबी इजरायल और भारतीय के सूत्र ने ये जानकारी दी है। भारत ने पिछले दशक में इजरायल से 2.9 बिलियन डॉलर के सैन्य हार्डवेयर का आयात किया है। इसमें रडार, निगरानी और लड़ाकू ड्रोन और मिसाइलें शामिल हैं। बीते साल 7 अक्टूबर को हमास लड़ाकों ने दक्षिणी इजराइल में हमला कर 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी और 250 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले आए थे। इसके बाद इजरायली सेना ने गाजा पर बमबारी शुरूब कर दी थी। इजरायली सेना के हवाई और जमीनी हमलों में 29,000 ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
भारत को निर्यात कर रहे रडार की इजरायल को गाजा में जरूरत नहीं
इजराइली सूत्र ने कहा है कि इजरायल के गाजा में अभियान ने गोला-बारूद की जरूरत को बढ़ाया है लेकिन उस प्रकार के रडार की उसे आवश्यकता नहीं, जो वह भारत को निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हमने यह सुनिश्चित किया कि भारत को हमारा सैन्य निर्यात प्रभावित न हो। भारतीय अधिकारी ने कहा कि इजराइल ने नई दिल्ली द्वारा खरीदे गए हथियारों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की है, जिसमें ड्रोन घटक भी शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के विदेश मंत्रालय और नई दिल्ली में इजरायली दूतावास ने इस पर टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया। सिंगापुर एयरशो में मजबूत उपस्थिति के साथ गाजा में युद्ध की शुरुआत के बाद से अनुपस्थित इजरायली हथियार निर्माता अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी वापस आ गए हैं।
दुनिया का सबसे बड़ा आयातक
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक है। इजरायल भारत को सैन्य हार्डवेयर का चैथा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। भारत ने 2012 और 2022 के बीच 37 अरब डॉलर मूल्य की हथियार खरीद की है। उसने पिछले दशक में रूस से 21.8 बिलियन डॉलर, फ्रांस से 5.2 बिलियन डॉलर और अमेरिका से 4.5 बिलियन डॉलर के हथियार खरीदे हैं। भारत फ्रांस और इजरायल जैसे देशों से हथियार खरीद बढ़ाकर और अपने घरेलू हथियार विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा देकर रूसी हथियारों पर अपनी निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रहा है।
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