हनुमान जी से हारे अफसर, नहीं देना होगा इनकम टैक्स

<p><em>एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए इनकम टैक्स कमिश्नर ने श्री रणजीत हनुमान मंदिर को राहत देते हुए 3।5 करोड़ रुपए का टैक्स माफ कर दिया। आयकर विभाग ने मंदिर पर 3।50 करोड़ रुपए की टैक्स डिमांड निकाली थी। इस पर पेनाल्टी और ब्याज की मांग जा रही थी।</em></p>

हनुमान जी से हारे अफसर, नहीं देना होगा इनकम टैक्स
10-02-2024 - 08:39 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

शहर के प्रसिद्ध श्री रणजीत हनुमान पर इनकम टैक्स विभाग ने करीब ढ़ाई करोड़ के चढ़ावे पर टैक्स डिमांड निकाल दी। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने इनकम टैक्स कमिश्नर के पास अपील की। इनकम टैक्स कमिश्नर ने गुरुवार को मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया। प्राचीन श्री रणजीत हनुमान मंदिर को राहत देते हुए आयकर विभाग ने 3।5 करोड़ रुपए का टैक्स माफ कर दिया है। मामला वित्तीय वर्ष 2017-18 में हुई नोटबंदी के समय का है। करीब 4 साल से इस मामले की सुनवाई चल रही थी।
आपको बता दें कि ये पूरा मामला इंदौर के प्राचीन श्री रणजीत हनुमान मंदिर का है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में हुई नोटबंदी के दौरान मंदिर ने अपना चढ़ावा गिना। इसके बाद तत्काल बैंक खाते में जमा करा दिया। चढ़ावे की राशि करीब ढाई करोड़ रुपए जमा हुई थी। इसके बाद आयकर विभाग ने मंदिर मैनेजमेंट को नोटिस भेजा था। नोटिस में पूछा कि यह रकम कहां से आई? 
मंदिर प्रशासन की तरफ से सवाल का जवाब मिला- भक्तों के दान और चढ़ावे से मिली है। इस पर विभाग ने तर्क दिया था कि मंदिर का रजिस्ट्रेशन नहीं है और न ही ये चेरिटेबल ट्रस्ट है। ये आयकर विभाग की धारा 12-ए और 80-जी में भी रजिस्टर्ड नहीं है। इसके साथ ही 3।50 करोड़ रुपए की डिमांड निकाल दी। इस पर पेनाल्टी और ब्याज अलग से मांग जा रही थी।
टैक्स विवाद में छूट का फायदा 1 लाख तक ही
सीए अभय शर्मा ने बताया कि हमने दलील दी कि मंदिर सरकारी जमीन पर बना है। सरकार द्वारा ही संचालन किया जाता है। ऐसे में संस्था आयकर भरने या रिटर्न दर्शाने के लिए बाध्य नहीं है। वहीं, विभाग ने तर्क दिया कि जिस वर्ष मंदिर ने यह राशि जमा की है, उस वर्ष मंदिर के पास धारा 80जी और 12ए का सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं था। सीए शर्मा के मुताबिक यह ऐतिहासिक निर्णय है, क्योंकि इंदौर के कई अनरजिस्टर्ड मंदिर, मठ, गुरुद्वारों को अब टैक्स नहीं देना होगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।