41वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला, 2022: लाखों लोगों को लुभा रही हैं राजस्थान की लाख की बनी चूड़ियां और सामान

<p><em><strong>41वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला, 2022 लाख से बनी चूड़ियों&nbsp; और&nbsp;&nbsp;लाख की अन्य वस्तुएं दर्शकों&nbsp; (विशेषकर महिलाओं ) को अपनी और खूब आकर्षित कर रही है |</strong></em></p> <p>&nbsp;</p>

41वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला, 2022: लाखों लोगों को लुभा रही हैं राजस्थान की लाख की बनी चूड़ियां और सामान
25-11-2022 - 02:58 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

 नयी दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला के राजस्थान पवेलियन में लाख की चुडियों एवं लाख से बनी अन्य वस्तुएं दर्शकों विशेषकर महिलाओं को अपनी और खूब आकर्षित कर रही है। पवेलियन में लाख के कारीगर  मोहम्मद शहदाब एवं इस्लाम अहमद ने बताया कि भारतीय संस्कृति में लाख को बहुत ही शुभ माना जाता है, विशेषतौर पर भारतीय नारियों में इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है। लाख से बनी चुडियां पहनकर स्त्रियां अपने पति की लम्बी आयु की कामना करती हैं। वे बताते हैं कि लाख हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। शादी या विवाह का अवसर हो या मकान की नींव भरने का समय, बच्चे के जन्म का मौका हो या सगाई इत्यादि के अवसर पर लाख की चुडियां, दुल्हन को सुहाग के प्रतीक के रूप में पहनना अनिवार्य समझा जाता है। 

शादी तथा तीज त्यौहारों, होली, दिवाली व अनेक खुशी के अवसरों पर लाख की चूड़ियों का तथा लाख की अन्य वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता है। लाख को सोने के जेवरों में भी भरा जाता है।  अहमद ने बताया कि उनके वालिद के पिता ने ही भारत सरकार द्वारा स्थापित निर्यात केन्द्रों एवं रिटेल दुकानों पर सर्वप्रथम लाख का सामान बनाकर दिया था। उन केन्द्रों के माध्यम से पूरे भारत वर्ष के सरकारी रिटेल काउंटरों तथा विदेशों में लाख से निर्मित वस्तुएं भेजी गई। उन्होंने बताया कि विश्व के कई राष्ट्राध्यक्षों को उनके जयपुर आगमन पर इनके परिवार की ओर से लाख निर्मित वस्तुएं भेंट की गई। 

उन्होंने बताया कि उनके वालिद लाख से पैन और फैन्सी आइटम बनाने का कार्य करते रहे। हाथ में पहनने वाले लाख के मोटे कड़े पर ’’डासिंग पीकाक’ तथा ’’मछली’ का काम एक नायाब कारीगरी है जो कि उन्होंने स्वयं तैयार की है। उन्होंने बताया कि आज लाख कला सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। फिर चाहे लाख की चुडियां हों या सजावटी या दैनिक उपयोग की वस्तु सभी में यह प्रयोग किया जाता है। इनमें अगरबत्ती स्टेण्ड,हाथी घोड़ा, ऊंट, एस्टरे, चाबी के छल्ले, फोटो फ्रेम, शीशा, ज्वैलरी बॉक्स फ्रुट प्ले, टेबल डायरी, ग्लास इत्यादि चीजें ही क्यों न हो, लाख कला जगत को ये सब वस्तुएं उन्हीं के परिवार की देन हैं।
 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।