बाप रे ! दो-दो किलो के चूहे...होटल और रेस्टोरेंट वाले परेशान, रोजाना दो लाख से अधिक का नुकसान
<p><em><strong>प्रयागराज में चूहों के उत्पात से रेस्टोरेंट और होटल वालों का जीना हराम हो गया है। यहां बचे हुए खाने और मेवे को खाकर चूहों का वजन भी बढ़ा जा रहा है, जिससे इनको काबू करना भी मुश्किल हो रहा है। दिन में होटलों व रेस्टोरेंटों में चूहे नजर नहीं आते लेकिन रात होते ही इनका उत्पात शुरू हो जाता है।</strong></em></p>
समय के साथ चूहों ने भी अपना दायरा बढ़ाया है। होटलों और रेस्टोरेंट संचालक भी इनकी मनमानी से परेशान हैं। होटल का बचा-खुचा खाना और मेवा आदि खाने से चूहों का वजन भी तेजी से बढ़ा है। होटल वालों की मानें तो खास चूहों का वजन दो किलो से भी बढ़ गया है। ऐसे में इन्हें जाल में फंसाना नामुमकिन हो गया है। दिन में ये चूहे नाले-नालियों व गलियों आदि में घूमते रहते हैं रात को सन्नाटा पाते ही होटल व रेस्टोरेंट में मनमानी शुरू कर देते हैं।
दिन मेें आराम, रात होते ही गदर
होटलों व रेस्टोरेंटों में काजू, बादाम, पिस्ता, किशमिश समेत अन्य मेवा रखे रहते हैं। तमाम तरह की सब्जियों के साथ ही मशरूम, पनीर आदि भी रहते हैं। कुछ होटलों में मांसाहार भी रहता है। दिन में होटलों व रेस्टोरेंटों में चूहे नजर नहीं आते। रात को जब सन्नाटा हो जाता है तो किसी न किसी रास्ते यह भीतर प्रवेश करते हैं। जो भी सामान आलमारी से बाहर रखा होता है, उसे काटने में इनको तनिक भी समय नहीं लगता है। काजू और बादाम के पैकेट को कुतर कर खराब कर देते हैं। कुछ खाते हैं और ज्यादातर को फैलाकर खराब देते हैं।
मेवा खाकर हुए हृष्ट-पुष्ट
ये उन पैकेटों को भी तेजी से काटते हैं, जिसमें मेवा होता है। होटलों से निकलने वाले पनीर व मशरूम का सेवन करने के साथ ही हरी सब्जियों को खाने से यह हृष्ट-पुष्ट हो गए हैं। कई होटल व रेस्टोरेंट संचालक बताते हैं कि सैकड़ों चूहों का वजन इतना हो गया है, वह सही से चल भी नहीं पाते। उनको देखने में ही डर लगने लगता है। इनको पकड़ने के लिए चूहेदानी भी कई जगह लगाई गई, लेकिन हालत यह है कि काफी मोटे होने के कारण वह इसमें प्रवेश ही नहीं कर पाते।
रसोई के पास खोद दी सुरंग
होटलों व रेस्टोरेंटों में रसोई के पास चूहों ने सुरंग बना दी है। जमीन को नीचे-नीचे खोद डाला है। किचन में जहां भी खोदा हुआ नजर आता है कारोबारी इसे सीमेंट, बालू से बंद करवा देते हैं, लेकिन 24 घंटे में पुनः चूहे इसे खोद देते हैं।
पुराने शहर के व्यवसायी परेशान
चूहों से लीडर रोड, नूरुल्ला रोड, रामबाग, जीरो रोड, करेली, अल्लापुर, तेलियरगंज, कीडगंज, अलोपीबाग, गऊघाट, मुट्ठीगंज, कटरा, सुलेमसराय, धूमनगंज, राजरूपुर के साथ ही सिविल लाइंस के होटल व रेस्टोरेंट व्यवसायी काफी परेशान हैं। व्यवसायियों की मानें तो शहर में करीब दो हजार छोटे-बड़े होटल व रेस्टोरेंट हैं। चूहों की वजह से प्रतिदिन दो लाख से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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