तो इसलिए राहुल गाँधी ने कहा मुस्लिम लीग को सेक्युलर, आतंकियों से पहचान वाले USA में जुटा रहे ‘मुस्लिम’ ..वायरल ‘रजिस्ट्रेशन फॉर्म’ ने खोली पोल..!
<p><em>अमेरिका स्थित द इंडियन ओवरसीज कांग्रेस बड़े पैमाने पर राहुल गाँधी के कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारियाँ कर रहा है। वहीँ सोशल मीडिया पर एक पंजीकरण फॉर्म वायरल हो रहा है,जिसमे न्यूयॉर्क और आस पास के इलाकों में रहने वाले मुस्लिमों से कार्यक्रम का हिस्सा बनने की अपील की जा रही है। ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) अकाउंट Disinfo Lab ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर थ्रेड के जरिए इस संबंध में जानकारी दी है।</em><em>हालाँकि मीडिया जानकारी के अनुसार अब इस फॉर्म का पंजीकरण बंद हो चुका है , फिर भी इस फॉर्म में आतंकी संगठन से जुड़े संगठनों व लोगों के नाम थे,जो भारत के लोगो को चिंता में डाल रहा है। </em></p> <p><strong><em><a href="https://www.newsthikana.com/post/muslim-league-completely-secular-party-said-by-rahul-gandhi-congress-is-now-giving-clarification-rv71204">राहुल गांधी के मुस्लिम लीग को ' कम्प्लीटली सेक्युलर पार्टी ' कहने पर घमासान, कांग्रेसी प्रवक्ता अब दे रहे हैं सफाई</a></em></strong></p> <p><em><strong><a href="https://www.newsthikana.com/post/rahul-gandhi-smiles-at-anti-india-slogans-in-california-rv45697">कैलिफोर्निया में भारत विरोधी नारों पर मुस्कुराए राहुल, तमतमाई भाजपा</a></strong></em></p>
सोशल मीडिया पर एक फॉर्म वायरल हुआ जिसमें राहुल गाँधी के अमेरिकी कार्यक्रम के लिए पंजीकरण का आह्वान किया गया था, इसमें आतंकी संगठन से जुड़े संगठनों व लोगों के नाम थे (फोटो: ट्विटर)
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी इन दिनों अमेरिका (USA) की एक सप्ताह की यात्रा पर हैं। इस दौरान अमेरिका के अलग-अलग इलाकों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। कार्यक्रम और राहुल गाँधी के साथ मुलाकात जैसे सत्र के आयोजन की जिम्मेदारी द इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (The Indian Overseas Congress) के कन्धों पर है। 4 जून को राहुल गाँधी न्यूयॉर्क के जेविट्स सेंटर (Javits Centre) में आयोजित कार्यक्रम को खिताब करने वाले हैं। अमेरिका स्थित IOC कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियाँ कर रहा है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक पंजीकरण फॉर्म (Registration form) वायरल हो रहा है। इस फॉर्म में न्यूयॉर्क और आस पास के इलाकों में रहने वाले मुस्लिमों से कार्यक्रम का हिस्सा बनने की अपील की जा रही है।
अमेरिका में राहुल गाँधी के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मुस्लिमों को बुलाने वाला पंजीकरण फॉर्म रजिस्ट्रेशन अब बंद हो चुका है। ( फोटो साभार- गूगल फॉर्म्स )
बता दें राहुल गाँधी के अमेरिका यात्रा के दौरान कार्यक्रमों का हिस्सा बनने के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल फॉर्म इससे अलग है।
राहुल गाँधी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन का ऑरिजनल फॉर्म (फोटो साभार- आईओसी)
मीडिया जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे फॉर्म जो अब रजिस्ट्रेशन के लिए उपलब्ध नहीं है, पर उनपर संपर्क किए जाने वाले व्यक्तियों के नामों की सूची देखने के बाद लोग चिंता जता रहे हैं। दरअसल, इसमें कुछ ऐसे नाम शामिल हैं जिनपर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।
रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर ‘संपर्क करें’ की सूची में मस्जिद अल-वली/MCNJ नॉर्थ एडिसन वुडब्रिज TWP न्यू जर्सी (NJ) के तज़ीम अंसारी और नियाज़ खान, मस्जिद MCMC साउथ एडिसन/पिस्कटवे/ईस्ट ब्रंसविक NJ के जावेद सैयद, हबीब सिद्दीकी और मीर कादरी हैं। ISCJ/MCGP साउथ ब्रंसविक/केंडल पार्क/प्रिंसटन NJ के मोहम्मद असलम और मिन्हाज खान, मस्जिद सदर सायरेविले/ओल्ड ब्रिज NJ के नज़ीर सैयद और अकिल मोहम्मद और दारुल इस्लाह टीनेक, NJ के शाहीन खतीब और हाशिर काज़ी के नाम शामिल हैं।
कहाँ जुड़े हैं तार
ऑपइंडिया मीडिया सूत्रों के अनुसार ट्विटर यूजर और ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) अकाउंट Disinfo Lab ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर थ्रेड के जरिए इस संबंध में जानकारी दी है। इसके अनुसार, MCNJ का नेतृत्व इस्लामिक सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका (ICNA) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर इमाम जवाद अहमद कर रहे हैं जो पाकिस्तानी मूल के हैं।
गौरतलब है कि आईसीएनए एक कट्टरपंथी इस्लामी संगठन है जिसके संबंध पाकिस्तान के जमात-ए-इस्लामी से हैं। जवाद अहमद कश्मीर को भारत से अलग करने का ख्वाब देखने वाले हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन जैसे आतंकियों का गुणगान किया है। सलाहुद्दीन की नजदीकी मेहराजुद्दीन से भी थी जो कंधार प्लेन हाईजैक (1999) मामले के आरोपितों में से एक है।
इसी प्रकार Disinfo Lab द्वारा उजागर दूसरा नाम है मोहम्मद असलम। असलम ICNA के करीबी सहयोगी मुस्लिम सेंटर ऑफ ग्रेटर प्रिंसटन (MCGP) का सदस्य है। Disinfo Lab के अनुसार जस्टिस फॉर ऑल जैसे मोर्चे आईसीएनए के तहत काम करते हैं। हाल ही में ऑपइंडिया मीडिया ने भी ICNA द्वारा अमेरिका की जेलों में इस्लाम के प्रचार और कैदियों के धर्मांतरण पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। आईसीएनए भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रहता है। सोशल मीडिया पर भी यह संगठन हिंदू और भारत विरोधी पोस्ट शेयर करता रहता है।
इस फॉर्म में तीसरा आपत्तिजनक नाम है मिन्हाज खान का जो भारत विरोधी लॉबी के इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) से जुड़ा हुआ है। मीडिया रिपोर्टों में IAMC और उसकी भारत विरोधी गतिविधियों को विस्तार से कवर किया गया है।
Disinfo Lab ने बताया कि IAMC के कार्यकारी निदेशक रशीद अहमद जमात से जुड़े एक अन्य संगठन इस्लामिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (IMANA) के कार्यकारी निदेशक भी हैं। कोरोना महामारी के समय IMANA ने भारत की मदद करने के नाम पर धन उगाहने का अभियान चलाया था और कथित तौर पर पैसों की हेराफेरी की थी।
IMANA के पाकिस्तानी सेना और नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों से संबंध हैं। इसके अलावा आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा सहित कई आतंकवादी संगठनों से भी इसके संबंध होने की बात कही जाती है।
IAMC और राहुल गाँधी
दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब IAMC का नाम राहुल गाँधी से जोड़ा जा रहा है। मार्च 2023 में मोदी सरनेम मामले में जब राहुल गाँधी को सजा मिली थी। उसके बाद उन्हें लोकसभा द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था। तब भी IAMC उनके समर्थन में आ गया था। राहुल गाँधी पर लोकसभा के फैसले को भारत के ‘फासीवादी’ राष्ट्र होने का प्रमाण बताया गया था।
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IAMC की तरफ से बयान जारी कर राहुल गाँधी को अयोग्य ठहराए जाने की निंदा की गई थी। IAMC द्वारा कहा गया कि राहुल गाँधी को परेशान करने और डराने के खिलाफ मानहानि का मामला बनाया गया था। संगठन ने उनकी अयोग्यता को अन्याय और सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए सत्ताधारी पार्टी की हताशा का प्रकटीकरण करार दिया था। इसे विपक्ष और असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास बताया गया था।
IAMC के बारे में
इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) का कार्यकारी निदेशक रशीद अहमद है। यह एक कट्टरपंथी इस्लामी ग्रुप है। जिसका संबंध स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से है। यह संगठन लंबे समय से भारत के खिलाफ लॉबिंग करता आया है।
मिली जानकारी के अनुसार इस विवादास्पद फॉर्म से अब रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया है।
( ऑपइंडिया मीडिया से साभार )
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