फर्जी खबरें चलाने वाले इन यूट्यूब चैनलों का सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पीआईबी फैक्ट चेक ने किया पर्दाफाश

<p><em>सरकार ने छह यूट्यूब चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की है, जो अपने लगभग 20 लाख सब्सक्राइबर को फर्जी खबरें फैलाते पाए गए। यह जानकारी बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक बयान से मिली। ये चैनल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और चुनाव आयोग से संबंधित फर्जी समाचारों को चलाने के लिए इन चैनलों द्वारा क्लिकबेट थंबनेल का इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे थे। &nbsp;</em></p>

फर्जी खबरें चलाने वाले इन यूट्यूब चैनलों का सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पीआईबी फैक्ट चेक ने किया पर्दाफाश
12-01-2023 - 05:00 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

20 लाख लोगो तक फैला रहे थे झूठ 
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की ‘फैक्ट चेक’ इकाई ने कहा कि ये छह चैनल समन्वित तरीके से काम कर रहे थे और झूठी सूचना फैला रहे थे और उनके वीडियो को 51 करोड़ से अधिक बार देखा गया था।
बयान में कहा गया है कि यूट्यूब चैनल चुनाव, उच्चतम न्यायालय और संसद की कार्यवाही और सरकार के कामकाज के बारे में फर्जी खबरें फैलाते पाये गए। बयान में कहा गया है इन चैनल में - 5.57 लाख से अधिक सब्सक्राइबर वाला नेशन टीवी, 10.9 लाख सब्सक्राइबर वाला संवाद टीवी, सरोकार भारत (21,100), नेशन24 (25,400), स्वर्णिम भारत (6,070) और संवाद समाचार (3.48 लाख सब्सक्राइबर) शामिल हैं।एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पीआईबी की ‘फैक्ट चेक’ इकाई द्वारा ‘‘पर्दाफाश’’ किए जाने के बाद, संवाद समाचार, संवाद टीवी और नेशन टीवी ने अपने नाम बदल कर क्रमशः इनसाइड इंडिया, इनसाइड भारत और नेशन वीकली कर लिये।

ज्यादा क्लिक्स से करते हैं कमाई 
बयान में कहा गया है, ‘‘फर्जी समाचार अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं जो फर्जी समाचारों से मिलने वाली कमाई पर चलते हैं।’’इसमें कहा गया कि चैनल फर्जी, क्लिकबेट और सनसनीखेज थंबनेल और टीवी चैनलों के समाचार एंकर की तस्वीरों का उपयोग दर्शकों को यह विश्वास दिलाने के लिए करते हैं कि उक्त समाचार प्रामाणिक है। इसमें कहा गया है कि ऐसा करके ये चैनल यह प्रयास करते हैं कि उनके द्वारा जारी वीडियो को अधिक से अधिक लोग देखें जिससे उन्हें धन अर्जित हो सके।  

गौरतलब है कि यह पीआईबी की ‘फैक्ट चेक’ इकाई की ओर से इस तरह की दूसरी कार्रवाई है। पिछले महीने, इकाई ने फर्जी खबरें फैलाने वाले तीन चैनलों का पर्दाफाश किया था और उन्हें प्रतिबंधित करने के लिए यूट्यूब को पत्र लिखा था।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।