राजस्थानः डीजीपी उमेश मिश्रा ने ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, उत्कल रंजन साहू ने संभाला कार्यवाहक डीजीपी का कार्यभार
<p><em>राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) उमेश मिश्रा ने शुक्रवार 29 दिसंबर की दोपहर को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था जिसे सरकार ने तुरंत स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही कार्मिक विभाग ने डीजी होमगार्ड यूआर साहू को कार्यवाहक डीजीपी बनाये जाने के आदेश भी जारी कर दिए गये थे। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी उत्कल रंजन साहू ने शनिवार, 30 दिसंबर को प्रातः पुलिस मुख्यालय में कार्यवाहक डीजीपी का कार्यभार संभाल लिया।</em></p>
पदभार संभालने के बाद श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देश और प्राथमिकताओं के आधार पर अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के साथ ही महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों, गैंगवार व साइबर अपराधो की रोकथाम की दिशा में विशेष कार्य किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि साहू वर्ष 1989 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। पुलिस मुख्यालय में डीजीपी कानून व्यवस्था राजीव शर्मा, डीजीपी साईबर सुरक्षा डॉ रवि मेहरड़ा, एडीजी संजय अग्रवाल, गोविन्द गुप्ता, अनिल पालीवाल, संजीब नार्झरी, विशाल बंसल व वीके सिंह सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साहू का स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के बाद पुलिस मुख्यालय में डीजीपी यूआर साहू को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
डीजीपी श्री साहू ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि वे पूरी टीम को साथ लेकर मेहनत करते हुए आमजन को राहत देने का प्रयास करेंगे। गैंगस्टर, साइबर अपराध और महिला अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होगी। प्रदेश में गैंगस्टर के खिलाफ पहले से ही कार्रवाई की जा रही है। महिला अपराधों की रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत करके ठोस कदम उठाए जाएंगे। साइबर क्राइम को लेकर डीजीपी ने कहा कि इसमें पब्लिक अवेयरनेस जरूरी है अगर लोग सचेत रहें तो साइबर क्राइम में काफी कमी लाई जा सकती है पब्लिक को जागरूक करने के लिए भी विभाग काम कर रहा है।
साहू ने कहा कि सरकार की मंशा के मुताबिक अपराध में कमी लाने का काम करेंगे। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार की जा रही है। पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से अवैध शराब पर की जा रही कार्रवाई को आगे भी जारी रखा जाएगा।
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