अब मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में मिलेगा पेयजल कनेक्शन, पाॅलिसी बनाने में जुटा राजस्थान
<p><em><strong>जलदाय मंत्री की अध्यक्षता में हुई प्रारूप पर चर्चा, नीति को जल्द मिलेगा अंतिम रूप</strong></em></p>
राजस्थान के शहरों में बहुमंजिला भवनों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित नीति को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे लम्बे समय से पेयजल कनेक्शन का इंतजार कर रहे बहुमंजिला भवनों के निवासियों को राहत मिल सकेगी।
इस नई नीति की खासियत यह है कि यह पूरे प्रदेश के शहरों की बहुमंजिला भवनों के लिए बनेगी जबकि इससे पहले 2016 एवं 2020 में जारी किए गए परिपत्र सिर्फ जयपुर शहर की बहुमंजिला भवनों को पेयजल कनेक्शन देने को ध्यान में रखकर जारी किए गए थे। प्रस्तावित नई नीति में संस्थानिक परिसरों एवं औद्योगिक संस्थानों के बहुमंजिला भवनों को भी शामिल किया गया है।
ड्राफ्ट पर बिल्डर्स एवं सोसायटी सदस्यों से चर्चा
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में बहुमंजिला भवनों को पेयजल कनेक्शन के लिए बनाई जा रही नीति के प्रस्तावित ड्राफ्ट पर बैठक में क्रेडाई, टोडार, राजरेडको एवं अन्य बिल्डर्स एसोसिएशनों के पदाधिकारियों तथा रेजीडेंट वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि से विस्तृत चर्चा की गई।
सभी पक्षों से लिए जाएंगे सुझाव
अतिरिक्त मुख्य सचिव जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि प्रस्तावित नीति में कोई और बदलाव आवश्यक होंगे तो किए जाएंगे और इसमें सभी पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि निजी टाउनशिप में पेयजल कनेक्शन के लिए अलग से पॉलिसी ड्राफ्ट की जाएगी।
भवनों के भूतल पर देंगे बल्क कनेक्शन
बैठक में तय किया गया कि निजी टाउनशिप के लिए नीति अलग से बनाई जाएगी। प्रस्तावित नीति सिर्फ बहुमंजिला भवनों के लिए लागू होगी। बहुमंजिला भवनों के भूतल पर बल्क कनेक्शन जारी किया जाएगा।
यह रहेगा शुल्क
प्रस्तावित नीति में आवासीय बहुमंजिला भवनों के लिए 35 रूपए प्रति वर्ग फीट (बिल्टअप एरिया) तथा वाणिज्यिक बहुमंजिला भवनों के लिए 42 रूपए प्रति वर्ग फीट शुल्क प्रस्तावित किया गया है। मिश्रित उपयोग की बहुमंजिला इमारतों में आवासीय क्षेत्र में 35 तथा कॉमर्शियल एरिया में 42 रूपए प्रति वर्ग फीट दरें प्रस्तावित की गई हैं।
कमजोर वर्गों के लिए खास प्रावधान
समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं अल्प आय वर्ग को विशेष तौर पर लाभांवित करने हेतु मुख्यमंत्री जन आवास योजना एवं अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजना के बहुमंजिला भवनों में ईडब्लूएस एवं एलआईजी फ्लैट्स में पेयजल कनेक्शन के लिए विशेष प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। ईडब्लूएस एवं एलआईजी फ्लैट्स में पेयजल कनेक्शन के लिए एकमुश्त शुल्क राशि का पूरा भुगतान विकासकर्ता द्वारा देय होगा।
इन इमारतों को मिलेगी छूट
प्रस्तावित नीति में एक अप्रेल 2021 से पहले हस्तांतरित मल्टीस्टोरी बिल्डिंग को एकमुश्त पैसा जमा कराने की अनिवार्यता में छूट देते हुए एकमुश्त शुल्क का 50 प्रतिशत कनेक्शन से पहले एवं शेष 24 समान किश्तों (मय साधारण ब्याज) में जल शुल्क के साथ जमा कराने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अन्य बहुमंजिला भवनों के लिए एकमुश्त शुल्क का पूरा भुगतान कनेक्शन से पहले करना जरूरी होगा।
लोगों को नहीं मिल पा रहे पेयजल कनेक्शन
बहुमंजिला भवनों एवं निजी टाउनशिप में रह रहे लोगों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में जारी परिपत्रों में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण लम्बे समय से इन भवनों में रहने वाले लोगों को पेयजल कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी के निर्देष पर पॉलिसी तैयार करने के लिए मुख्य अभियंता (शहरी) की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी, जिसमें विकासकर्ता एवं रेजीडेंट वेलफेयर सोसायटी प्रतिनिधि भी शामिल थे।
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