समेधा सक्सेना की ग्रैंड सक्सेस.. मात्र 9 बरस की उम्र में दुनिया की ‘ब्राइटेस्ट स्टूडेंट’ सूची में हुई शामिल..!
<p><em>दुनिया में भारतीयों ने झण्डे गाड़ रखे हैं। भारतीय मूल की अमरीकी नागरिक समेधा सक्सेना इस मामले में शायद सबसे छोटी है। केवल नौ बरस की समेधा को<strong> </strong>दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी के तौर पर चुना गया है। जॉन हॉपकिन्‍स सेंटर फॉर टैलेंटेड यूथ (सीटीवाई) ने उसे यह सम्‍मान दिया है। समेधा सक्‍सेना अमरीका के न्‍यूयॉर्क सिटी में रहती हैं और बैटरी पार्क सिटी स्‍कूल में वह चौथी ग्रेड की विद्यार्थी है।</em></p>
उल्लेखनीय है कि सीटीवाई ने एक परीक्षा के आधार पर समेधा को 'वर्ल्ड्स ब्राइटेस्ट' स्टूडेंट में से एक करार दिया। इस परीक्षा में 76 देशों के 15,000 से ज्यादा विद्यार्थियों ने भाग लिया था।
जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ने बताया कि समेधा का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। वह सीटीवाई ग्लोबल टैलेंट सर्च प्रोग्राम क्वालिफाई करने वाली सबसे युवा स्टूडेंट में हैं। बता दें कि SAT, ACT, स्कूल और कॉलेज एबिलिटी टेस्ट के आधार पर इसमें विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाता है। समेधा के अलावा 13 साल की भारतीय अमेरिकी नताशा पेरियानयगम ने 'वर्ल्ड्स ब्राइटेस्ट' स्टूडेंट की लिस्ट में टॉप किया। दिल्ली के रहने वाले 9 साल के आर्यवीर कोचर ने भी इस सूची में स्थान हासिल किया है।
सीटीवाई की कार्यकारी निदेशक डॉ ऐमी शेल्टन ने समेधा को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए बताया कि यह सिर्फ मेधावी बच्चों को पहचान देने का तरीका भर नहीं है। यह कम उम्र में उनके जुटाए ज्ञान का सम्मान भी है। यह दिखाता है कि ये बच्चे सीखने और जानने के लिए किस हद तक दिलचस्पी रखते हैं। इतनी कम उम्र में उनका जुटाया ज्ञान और कौशल काबिले तारीफ है।
सीटीवाई बेहतरीन बच्चों की पहचान के लिए अबव-ग्रेड-लेवल टेस्टिंग का इस्तेमाल करता है। इस टेस्ट के जरिये दुनियाभर से शानदार छात्रों की पहचान की जाती है। यह उनकी अकादमिक क्षमताओं के बारे में पता लगाने में मदद करता है। 76 देशों के 15,300 छात्रों ने 2021-22 के टैलेंट सर्च में हिस्सा लिया था। समेधा उनमें से एक थीं। बहुत कम छात्र इसमें क्वालिफाई कर पाए।
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