राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार ने साफ शब्दों में कहा, 'जल्द ही पूरी पिक्चर बदल जाएगी।'
<p><em>महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra politics) में एक बार फिर भूचाल आया हुआ है।पिछले चौबीस घंटे में कई घटनाक्रम हो चुके हैं। सियासी उठापठक के केंद्र में है चाचा भतीजा की पार्टी यानि की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी। शरद पवार का पटना जाकर लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों की एकजुटता का प्रयास करना और खासकर कांग्रेस से हाथ मिलाना उन्ही की पार्टी के और उनके भतीजे अजीत पवार के गले नहीं उतरा और वे तकरीबन हज़ार शिवसैनिकों के साथ पार्टी बदल कर महाराष्ट्र की डबल इंजन सर्कार के पाले में जा खड़े हुए। चाचा शरद पवार के खिलाफ उनके भतीजे अजित पवार (Ajit Pawar) ने ही बगावत का बिगुल फूंक दिया। वो राज्य के उपमुख्यमंत्री भी बन गए। अब एनसीपी चीफ शरद पवार ने भी कमान संभाल ली है। सतारा में सोमवार (03 जुलाई) को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के कहा , 'सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है, लेकिन जब समय आएगा सभी मेरे साथ होंगे।'</em></p>
शरद पवार ने दिलाई 1977 की याद,
विपक्षी दलों में पीएम चेहरे को लेकर विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेरी नजर में यह कोई महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है। पवार ने कहा कि पूर्व में भी कई बार पीएम चेहरा घोषित किए बिना चुनाव लड़ा गया है। 1977 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए पवार ने कहा कि उस समय जनता पार्टी की ओर से किसी को भी पीएम चेहरा नहीं घोषित किया गया था। जनता पार्टी के चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री के रूप में मोरारजी देसाई को चुना गया था।पीएम चेहरा नहीं घोषित किया गया था। जनता पार्टी के चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री के रूप में मोरारजी देसाई को चुना गया था।
आज से बदलाव की शुरुआत
शरद पवार ने सतारा में मीडिया से बात करते हुए कहा कि, 'आज से बदलाव की शुरुआत हो रही है। NCP और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेगी। हमारे साथ जनसमर्थन होगा। शरद पवार ने दो टूक कहा, 'अगर यही प्यार बना रहा, तो पिक्चर जरूर बदलेगी। पूर्व केंद्रीय ने आगे कहा, 'देश में अलग तरह का माहौल बनाने का प्रयास चल रहा है। पार्टी के कार्यकर्ता अभी भी हमारे साथ हैं।'
अजित पवार की बातों का कोई महत्व नहीं
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया ने यहां कहा कि, 'जयंत पाटील महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष हैं। ऐसे में अजित पवार की बातों का कोई महत्व नहीं। उन्होंने आगे कहा, अजित पवार ने जो फैसला लिया है, वह उनका व्यक्तिगत है।'
विधान सभी चुनाव में सबको पता चल जायेगा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब मीडिया के लोगों ने शरद पवार से उनका साथ छोड़ने वाले विधायकों के संबंध में सवाल किए तो उन्होंने कहा, 'आने वाले विधानसभा चुनाव में उन सभी की किस्मत का फैसला हो जाएगा। ऐसे में वह उन पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।'
मुझसे बात किये बिना छोड़ गए पार्टी
शरद पवार की नाराजगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी दिखी। पवार बोले, 'कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी NCP पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे थे, लेकिन अब उन्हीं की पार्टी के लोगों को सरकार में शामिल कर लिया। एनसीपी चीफ ने कहा, जो भी लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उनमें से किसी ने मुझसे बात नहीं की।'
अजित पवार पर एक्शन
एक तरफ शरद पवार अपनी पार्टी को संभालने का भरसक प्रयास कर रहे हैं तो, दूसरी ओर बगावती तेवर वाले भतीजे अजित पवार पर धड़ाधड़ एक्शन लिया जा रहा है। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने अजित पवार को चिट्ठी लिख बताया कि, उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है। साथ ही, वह अब पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। जयंत पाटील ने ये भी कहा कि अगर ऐसा किया गया तो पार्टी अजित पवार पर कानूनी कार्यवाही करेगा।
वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रवादी छात्र कांग्रेस कार्यालय से NCP के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल का फोटो फ्रेम हटाया गया। एनसीपी स्टूडेंट विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया दुहन ने कहा, 'हमने प्रफुल्ल पटेल और एनसीपी छोड़ने वाले अन्य सभी नेताओं का फोटो फ्रेम पार्टी कार्यालय से हटा दिया है। वे अब एनसीपी परिवार का हिस्सा नहीं हैं।'
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