Shradh Paksha : 10 सितंबर से शुरू हो रहा है श्राद्ध पक्ष, पितृदेवों के पूजन का विशेष काल

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Shradh Paksha : 10 सितंबर से शुरू हो रहा है श्राद्ध पक्ष, पितृदेवों के पूजन का विशेष काल
07-09-2022 - 11:41 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

भारतीय संस्कृति विशेषतौर पर सनातन संप्रदाय में श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व है। श्राद्ध पक्ष प्रत्येक वर्ष आश्विन माह में आते हैं। ये पक्ष या पंद्रह दिन हमें हमारे पूर्वजों को याद करने के लिए नियत किये गये हैं।

हमारे पूर्वजों में से ही कुछ पितृ देव होते हैं। सभी के प्रति श्रद्धा भाव रखते हुए हमें उनके निमित्त तर्पण (तर्पण की विधि और श्राद्ध कैसे करें, यह हम अपने अगले आलेख में बताएंगे) करना ही चाहिए। हमारे कुछ पूर्वज ऐसे भी होते हैं जो किसी कारण से पूर्ण आयु नहीं कर पाते हैं। विशेषतौर पर जब किसी पूर्वज की मृत्यु  आग से, जहर से या किसी गंभीर बीमारी, जल में डूबने या आत्महत्या अथवा हत्या द्वारा होती है। ऐसा माना जाता है कि इन पितरों की अकाल मृत्यु हुई है। ऐसे व्यक्तियों की आत्मा तीनों लोकों में भटकती रहती है। उनकी शांति के विशेषतौर पर श्राद्ध व तर्पण करना चाहिए।

हमारा कर्तव्य है कि हम अपने पूर्वजों को अन्न-जल प्रदान करें। जब श्राद्ध पक्ष या प्रत्येक माह की अमावस्या तिथि आती है तो हमारा कर्तव्य है कि हम पूरे विधि-विधान से यथाशक्ति पूर्वजों का आह्वान करें, उनको अन्न-जल ग्रहण कराएं और उनका तर्पण करें ।

संवत् 2019 आश्विन माह सन् 2022 के श्राद्ध पक्ष की तिथियां इस प्रकार है --  

10 सितंबर 2022 पूर्णिमा व प्रतिपदा श्राद्ध

 11 सितंबर 2022 दोज का श्राद्ध

12 सितंबर 2022 तृतीया का श्राद्ध

13 सितंबर 2022 चौथ का श्राद्ध

14 सितंबर 2022 पंचमी का श्राद्ध

15 सितंबर 2016 षष्टी का श्राद्ध

16 सितंबर 2017 सप्तमी का श्राद्ध

17 सितंबर 2022 को कोई नहीं रहेगा

18 सितंबर 2000 अष्टमी का श्राद्ध

19 सितंबर 2022 नवमी का श्राद्ध

20 सितंबर 2022 दशमी का श्राद्ध

21 सितंबर 2022 एकादशी का श्राद्ध

22 सितंबर 2022 द्वादशी का श्राद्ध

23 सितंबर 2022 त्रयोदसी का श्राद्ध

24 सितंबर 2022 चतुर्दशी का श्राद्ध

25 सितंबर 2022 अमावस्या व पितृपक्ष पूर्ण तथा सर्वपितृ श्राद्ध 

विशेषः- इस वर्ष 10 सितंबर शनिवार को पूर्णिमा व प्रतिपदा का श्राद्ध क्रमशः दोपहर 1:38 से 3:29 बजे तक तथा प्रतिपदा का श्राद्ध दोपहर 3:30 से 4:05 बजे के बीच संपन्न होगा। द्वितीय से सप्तमी तक श्राद्ध दोपहर 1:38 बजे से पूर्व ही संपन्न होंगे।

लेखकः- अरुण कुमार प्रख्यात ज्योतिषी हैं और जयपुर में रहते हैं। उनसे arunmathur2010@yahoo.in पर सीधे संपर्क किया जा सकता है

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।