दुःखद: मासूम को 24 घंटे बाद पिलर के बीच से निकाला पर बचा नहीं पाए

<p><em><strong>11 साल का मानसिक रूप से विक्षिप्त बच्चा रंजन बुधवार सुबह से घर से गायब था। इस दौरान एक महिला ने पुल के पास से रोते हुए बच्चे की आवाज सुनकर परिजनों को इस बारे में जानकारी दी थी।</strong></em></p>

दुःखद: मासूम को 24 घंटे बाद पिलर के बीच से निकाला पर बचा नहीं पाए
09-06-2023 - 10:01 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

बिहार के रोहतास जिले में फ्लाईओवर के पिलर के बीच फंसे 11 साल के रंजन की मौत हो गई है। उसे रेस्क्यू कर अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे को निकालने के लिए 24 घंटे से अधिक समय तक एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। इसके लिए एप्रोच रोड का स्लैब बुलडोजर से तोड़ा गया और आखिरकार घंटों की कड़ी मशक्कत से बाद बच्चे को बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के मुताबिक डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे की मौत 8 से 10 घंटे पहले ही हो गई थी। बच्चे को यहां मृत लेकर आए थे। उधर, बच्चों की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।दरअसल, मामला नासरीगंज दाऊदनगर में स्थित सोन पुल का है। यहां 11 साल का बच्चा रंजन बुधवार सुबह से घर से गायब था। वह मानसिक रूप से विक्षिप्त था। जब बेटा घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश की गई। इस दौरान एक महिला ने पुल के पास से रोते हुए बच्चे की आवाज सुनी। इसके बाद महिला ने परिजनों को बच्चे के बारे में जानकारी दी थी।
एनडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस प्रशासन पहुंचा और बच्चे को पिलर के बीच देखा। इसके बाद सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई, जिन्होंने एनडीआरएफ को मौके पर बुलाया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। रेस्क्यू के दौरान एनडीआरएफ के कमांडेंट ने बताया था कि पिलर को काटने में सफलता मिलती नहीं मिली थी, इसके बाद अप्रोच रोड का स्लैब हटाने का काम किया गया। ये सभी कार्य पुल से जुड़ी एक्सपर्ट टीम के सुपरविजन में किया गया।
बुधवार 4 बजे से जारी था अभियान
बुधवार को पहले परिजनों ने बच्चे को निकालने का प्रयास किया था। लेकिन जब वे सफल नहीं हुए, तो उन्होंने पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दी। प्रशासन की टीम ने बुधवार शाम 4 बजे से बच्चे को निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया गया। एनडीआरएफ की टीम भी बच्चे को निकालने में जुटी और कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को निकाल लिया गया।
ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंची थी एनडीआरफ
एनडीआरएफ की टीम ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंची थी। बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाई गई। मौके पर भारी पुलिसबल भी तैनात रहा। सूचना मिलने के बाद से बीडीओ मोहम्मद जफर इमाम, सीओ अमित कुमार, थानाध्यक्ष सुधीर कुमार भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। बच्चा रंजन कुमार खिरियाव गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम त्रुघ्न प्रसाद है। रंजन पुल के पिलर नंबर 1 और स्लैब के बीच में गहराई में फंस गया था।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।