हम अपना पवित्र पदक आज शाम 6 बजे पवित्र गंगा नदी में बहा देंगे ' बजरंग,साक्षी और विनेश ने की घोषणा
<p>भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत विनेश फोगट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया सहित पहलवानों के विरोध के आयोजकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के एक दिन बाद, प्रदर्शनकारी एथलीटों ने गंगा में अपने पदक बहाने की घोषणा की। हरिद्वार में नदी आज यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर पहलवान डब्ल्यूएफआई (रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। </p> <p>बता दें कि इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत विनेश फोगट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया सहित पहलवानों के विरोध के आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।</p>
28 मई को देश के नए संसद भवन का उद्घाटन हुआ था। बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट इसी दिन नए संसद तक मार्च करना चाह रहे थे। इनका साथ किसान नेता भी दे रहे थे।लेकिन पुलिस ने इन्हें मार्च करने से रोक दिया था और हिरासत में ले लिया था। इसके अलावा जंतर मंतर पर लगे इनके टेंट को जबरन हटा दिया था।पुलिस की इस कार्रवाई के दो दिन बाद बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक ने मंगलवार को एक बयान जारी किया।
???? pic.twitter.com/wdMCzeADEo— Sakshee Malikkh (@SakshiMalik) May 30, 2023
पहलवानों ने बयान में कहा है, "28 मई को जो हुआ वो सबने देखा। पुलिस ने हमें बर्बरता से गिरफ़्तार किया।हम शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। हमारे आंदोलन की जगह को भी पुलिस ने तहस-नहस कर के हमसे छीन लिया और अगले दिन गंभीर मामलों में हमारे ऊपर ही एफ़आईआर दर्ज कर दी गई।क्या महिला पहलवानों ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के लिए न्याय मांगकर कोई अपराध कर दिया है।"
"हम महिला पहलवान ऐसा महसूस कर रही हैं कि इस देश में हमारा कुछ नहीं बचा। हमें वो पल याद आ रहे हैं जब हमने ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीते थे। अपने आत्म सम्मान के साथ समझौता करके भी क्या जीना। ये सवाल आया कि किसे लौटाएं।हमारी राष्ट्रपति जी को, जो सिर्फ़ दो किलोमीटर दूर बैठी सब देखती रहीं, लेकिन कुछ बोली नहीं। हमारे प्रधानमंत्री जी को, जो हमें अपने घर की बेटियां बताते थे और एक बार भी सुध-बुध नहीं ली।"
पहलवानों ने कहा, "इन मेडलों को हम गंगा में बहाने जा रहे हैं, क्योंकि वह गंगा मां हैं। जितना पवित्र हम गंगा को मानते हैं, उतनी ही पवित्रता से हमने मेहनत कर इन मेडलों को हासिल किया था।"
What's Your Reaction?