क्या है पैरेट फीवर? कहाँ फ़ैल रहा है और क्या हैं इसके लक्षण
<p>यूरोपीय देशों में आजकल एक नयी तरह के बुखार का नाम सुनाई दे रहा है जिसका नाम है पैरेट फीवर इस नाम से बिलकुल नहीं लगता कि पैरेट फीवर नाम की भी कोई बीमारी भी हो सकती है , लेकिन यह सच है। यूरोपीय देशों में इन दोनों पैरेट फीवर ने चिंता बढ़ा दी है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने भी पैरेट फीवर को गंभीर और घातक बताया है। आइए जानते हैं क्या है ये बुखार </p>
पैरेट फीवर को हम सीटोकोसिस के नाम से भी जानते हैं इससे यूरोपीय देश प्रभावित हुआ है प्रभावित हुआ है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक सीटोकोसिस फैलने के पीछे पक्षियों में पाया जाने वाला बैक्टीरिया है। यह क्लैमाइडिया सिटासी बैक्टीरिया के कारण होता है। पैरेट संक्रमित पक्षी के काटने से या संपर्क में आने से यह बीमारी फैलती है। वहीं संक्रमित पक्षी में इसके लक्षण बिल्कुल भी नहीं दिखाई देते हैं।
इन देशों में फ़ैल रहा है पैरेट फीवर
पैरेट फीवर जिन जिन देशों में फ़ैल रहा है उनमे ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड शामिल है। पैरेट फीवर के कारण अब तक 5 लोगों की मौत हो गई है।
पैरेट फीवर के लक्षण
बुखार
सिरदर्द
मांसपेशियों में दर्द
सूखी खांसी
सांस लेने में कठिनाई
ठंड के कारण कंपकंपी महसूस होना
किन लोगों को होता है खतरा और क्या है बचाव
पक्षियों के पंखों से बीमारी फैल सकती है। वहीं जो लोग पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के व्यापार से जुड़े हैं उन लोगों को इस बीमारी का खतरा ज्यादा है। WHO की माने तो जिस भी देश में इसका संक्रमण फैल रहा है, वहां पर पक्षियों को पालने वाले लोगों को अलर्ट रहना होगा। साफ सफाई का ध्यान रखना होगा। पक्षियों को भीलवाड़ा वाले इलाकों से दूर पिंजरे में ही रखना सही होगा। वहीं पक्षियों के संपर्क में आने के बाद आपको फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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