केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हमले पर INDI गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद प्रत्याशी सुदर्शन रेड्डी का पलटवार..कहा, ‘पहले फैसला पढ़ें फिर बोलें..’
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नयी दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक हमले तेज हो गए हैं। INDI गठबंधन के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुदर्शन रेड्डी ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि “फैसला पढ़िए और फिर बोलिए।” शाह ने उन्हें नक्सल समर्थक करार देते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने सलवा जुडुम के खिलाफ फैसला लिखकर वामपंथी हिंसा को बढ़ावा दिया।
रेड्डी हैदराबाद में आयोजित INDIA गठबंधन के कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसमें तेलंगाना मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी, उनकी मंत्रिपरिषद के सदस्य, वाम दलों के नेता और अन्य समर्थक मौजूद थे।
प्रतिद्वंदी पर सवाल
रेड्डी ने अपने एनडीए प्रतिद्वंदी सी.पी. राधाकृष्णन की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मैं रोज मीडिया से बात कर रहा हूं, जनता से संवाद कर रहा हूं। लेकिन, मेरे प्रतिद्वंदी खामोश हैं। अगर वे भी बोलें तो एक सार्थक संवैधानिक बहस हो सकती है। लेकिन उनकी ओर से कोई संवाद नहीं है।”
संविधान रक्षा का संकल्प
हाथ में संविधान की प्रति दिखाते हुए रेड्डी ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे न्यायिक जीवन में संविधान की रक्षा की है और अब राजनीति में आने का फैसला भी इसी यात्रा का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “53 वर्षों तक मैंने संविधान का बचाव किया। उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में उतरना इसी लंबी संवैधानिक यात्रा की कड़ी है। आज जब लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान को दबाने की कोशिश हो रही है, हर नागरिक को आवाज उठानी चाहिए।”
मतदाता सूची पर चिंता
रेड्डी ने बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए..
- उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का संशोधन किसी समुदाय या वर्ग की इच्छा पर आधारित नहीं हो सकता।
- मतदाता पहचान पत्र में न तो धर्म, न जाति और न ही समुदाय का उल्लेख होता है।
- चुनाव आयोग वर्तमान में “कमजोर” है और वह मतदाताओं के अधिकारों की पर्याप्त रक्षा नहीं कर पा रहा है।
रेड्डी ने जोर देते हुए कहा कि भारत बहुसंख्यकवादी राज्य नहीं बल्कि बहुभाषी, बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है। केवल सही और कानूनी ढंग से तैयार मतदाता सूची ही संविधान की रक्षा कर सकती है।
अमित शाह पर पलटवार
अमित शाह के नक्सल समर्थक कहे जाने पर रेड्डी ने कहा, “मुझ पर आरोप लगाकर सोचा गया कि मैं डर जाऊंगा। लेकिन, मैं संवाद के लिए हमेशा तैयार हूं। बस इतना कहना है कि पहले सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए और उसके बाद बोलिए। एकतरफा आरोप और जिस भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है।”
तेलुगु गौरव की अपील
तेलंगाना मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी ने इस मौके पर कहा कि सुधर्शन रेड्डी “तेलुगु उम्मीदवार” हैं और इसलिए आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के सभी नेताओं को उन्हें समर्थन देना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से चंद्रबाबू नायडू, जगन मोहन रेड्डी, असदुद्दीन ओवैसी और के. चंद्रशेखर राव से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उनका समर्थन करें।
अमित शाह की आलोचना करते हुए सीएम ने कहा, “नक्सलवाद एक विचारधारा है। यदि आपको इससे असहमति है तो उसका जवाब बहस से दें, आरोप-प्रत्यारोप से नहीं।”
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