‘विश्वास को नुकसान’: इजरायल के सुरक्षा प्रमुख को हटाने की नेतन्याहू की कोशिश से विवाद शुरू
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को देश की अटॉर्नी जनरल गली बहारव-मिआरा पर "अपने अधिकारों का दुरुपयोग" करने का आरोप लगाया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब अटॉर्नी जनरल ने नेतन्याहू से पूछा कि क्या आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट (Shin Bet) के प्रमुख रोनेन बार को बर्खास्त करने का उनका फैसला कानूनी रूप से वैध है।
तेल अवीव। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को देश की अटॉर्नी जनरल गली बहारव-मिआरा पर "अपने अधिकारों का दुरुपयोग" करने का आरोप लगाया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब अटॉर्नी जनरल ने नेतन्याहू से पूछा कि क्या आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट (Shin Bet) के प्रमुख रोनेन बार को बर्खास्त करने का उनका फैसला कानूनी रूप से वैध है।
ये है मामला
7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमले को रोक पाने में विफल रहने के कारण रोनेन बार पर सवाल उठे। नेतन्याहू ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह उन्हें पद से हटाना चाहते हैं।
नेतन्याहू का दावा
नेतन्याहू ने एक पत्र अटॉर्नी जनरल को भेजा, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा, “शिन बेट प्रमुख को हटाना सरकार का विशेषाधिकार है। यह निर्णय सुरक्षा से संबंधित है, विशेषकर युद्धकाल जैसी परिस्थितियों में। आपकी ओर से कानूनी सलाह के नाम पर सुरक्षा निर्णयों में हस्तक्षेप करना बेहद खतरनाक है।”
उन्होंने यह भी लिखा, “शिन बेट प्रमुख का पद कोई व्यक्तिगत भरोसे की नियुक्ति नहीं है। अटॉर्नी जनरल का यह तर्क देना कि प्रधानमंत्री का ‘भरोसा खोना’ बर्खास्तगी का आधार नहीं बनता, केवल शब्दों का खेल है।”
रोनेन बार की प्रतिक्रिया
रोनेन बार ने जवाब दिया, “मेरी निष्ठा देश और जनता के प्रति है। प्रधानमंत्री की तरफ से ‘निजी वफादारी’ की अपेक्षा मूल रूप से गलत है।”
उल्लेखनीय है कि बार पहले ही हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार कर चुके हैं और 2026 में रिटायरमेंट से पहले स्वैच्छिक इस्तीफे की इच्छा ज़ाहिर कर चुके हैं। लेकिन अगर उन्हें कैबिनेट मंजूरी के साथ हटाया गया, तो वे शिन बेट के पहले बर्खास्त प्रमुख होंगे।
आलोचना
नेतन्याहू पहले भी कई वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त या इस्तीफा देने पर मजबूर कर चुके हैं। उनके आलोचक इसे एक "व्यापक रणनीति" बता रहे हैं जिसका उद्देश्य:
- स्वतंत्र संस्थानों को कमजोर करना
- नीति विफलताओं की व्यक्तिगत जिम्मेदारी से बचना
- अपनी छवि सुधारना और सत्ता में बने रहना है खासकर भ्रष्टाचार मामलों और जन असंतोष के बीच।
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