राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में किये जायेंगे चिकित्सकों के 685 पद सृजित, साथ ही उर्स की यात्री बसों को वाहन कर में दी छूट
<p><em>राजस्थान सरकार एक तरफ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर अहम निर्णय ले रही है वही दूसरी तरफ उर्स के सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व को भी ध्यान में रख कर अजमेर शरीफ आने वालो को सुविधा प्रदान कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के 10 चिकित्सा महाविद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के चिकित्सकों के 685 नवीन पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की है। साथ ही अन्य राज्यों से जायरीन को लेकर अजमेर आने वाली यात्री बसों द्वारा देय मोटर वाहन कर एवं सरचार्ज में रियायत के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।</em></p>
प्रस्ताव के अनुसार, बाड़मेर चिकित्सा महाविद्यालय में आचार्य, सहआचार्य, सहायक आचार्य, वरिष्ठ प्रदर्शक, सीनियर रेजीडेंट एवं जूनियर रेजीडेंट के कुल 105 पद, चिकित्सा महाविद्यालय धौलपुर, श्रीगंगानगर, सिरोही एवं चित्तौड़गढ़ में आचार्य, सहआचार्य, सहायक आचार्य एवं सीनियर रेजीडेंट के कुल 140 पद (प्रत्येक में 35 पद) तथा चिकित्सा महाविद्यालय दौसा, करौली, अलवर, बूंदी एवं हनुमानगढ़ में आचार्य, सहआचार्य, सहायक आचार्य एवं सीनियर रेजीडेंट के कुल 440 पदों (प्रत्येक में 88 पद) का सृजन किया जाएगा।
गहलोत की स्वीकृति से प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के नवीन पदों का सृजन हो सकेगा तथा चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण हो सकेगा।
उर्स के दौरान वाहन कर एवं सरचार्ज में दी आंशिक छूट
विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती का 811वां सालाना उर्स जनवरी, 2023 में शुरू होगा। उर्स के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से जायरीन अजमेर पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उर्स के सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व को देखते हुए अन्य राज्यों से जायरीन को लेकर आने वाली यात्री बसों द्वारा देय मोटर वाहन कर एवं सरचार्ज में रियायत के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
निर्णय के अनुसार, राजस्थान मोटरयान कराधान अधिनियम, 1951 की धारा 3 के अन्तर्गत वाहनों पर देय कर में 7000 रूपए से अधिक के समस्त करों पर रियायत दी गई है। मोटर वाहन कर एवं सरचार्ज में आंशिक छूट 15 जनवरी से 05 फरवरी, 2023 (कुल 22 दिन) तक रहेगी।
उल्लेखनीय है कि अन्य राज्यों से आने वाली यात्री बसों पर 1600 रूपए प्रतिदिन मोटर वाहन कर लगता है तथा यह कर न्यूनतम 5 दिन के लिए जमा कराना आवश्यक होता है। उर्स में आने वाली बसों का ठहराव न्यूनतम 7 दिन रहता है। ऐसी स्थिति में प्रत्येक वाहन द्वारा देय कर 11200 रूपए तथा सरचार्ज 700 रूपए सहित कुल 11900 रूपए बनता है।
मुख्यमंत्री के निर्णय से अब यात्री बसों द्वारा केवल 7000 रूपए ही कर के रूप में देय होंगे। इससे 4900 रूपए प्रति बस की रियायत मिल सकेगी।
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