9 सालों की तरक्की,बीते 47 सालों से ज्यादा' इंफोसिस के सहसंस्थापक नंदन नीलेकणि का यह बयान क्यों चर्चा में ?

<p>इन्फोसिस के सह-संस्थापक और अध्यक्ष&nbsp;<strong><a href="https://www.newsthikana.com/post/aa-rv63861">नंदन नीलेकणि </a></strong> ने हाल ही में भारत की प्रगति और विकास के बारे में व्यावहारिक टिप्पणियाँ साझा कीं, उन्होंने इस प्रगति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को बताया। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में भारत की छलांग, मुख्य रूप से इसके डिजिटल विकास के कारण, 47 वर्षों के चौंका देने वाले विकास के बराबर है।</p>

9 सालों की तरक्की,बीते 47 सालों से ज्यादा' इंफोसिस के सहसंस्थापक नंदन नीलेकणि का यह बयान क्यों चर्चा में ?
01-09-2023 - 05:35 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

नंदन नीलेकणि ने यह बात दिल्ली में एकस्टेप फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही । श्रोताओं संबोधित करते हुए, उन्होंने आईटी की परिवर्तनकारी शक्ति और नागरिकों के लिए इसके निहितार्थ को रेखांकित किया। डिजिटलीकरण ने जिन सेवाओं को सक्षम किया है - स्वास्थ्य देखभाल, डिजिटल शिक्षा, पहचान प्रमाणीकरण, फिनेंशल इंफ्रास्ट्रक्चर और बहुत कुछ - वे सभी देश भर में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की स्थापना द्वारा आसान किए गए एक बड़े बदलाव का प्रतीक हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की बढ़ती आबादी को  सशक्त और सक्षम बनाने के रास्ते तलाशना था।

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नंदन नीलेकणि का कहना है कि पिछले कुछ सालों में जो डिजिटल बदलाव देश में हुआ ,उससे देश की आर्थिक प्रगति का नया मॉडल तैयार किया है। तकनीक की वजह से एक ऐसा  बुनियादी ढांचा तैयार हो गया है, जो देश के नागरिकों तक कई जरूरी सुविधाएं पहुंचाने में बहुत सहायक साबित हो रही है। इसकी वजह से लोगों तक शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं की पहुंच आसान हुई है। 

भारत के बढ़ते  विकास में डीपीआई की महत्वपूर्ण भूमिका नंदन नीलेकणि  के लेक्चर  का केंद्रीय विषय था। उन्होंने कहा, "पिछले कई वर्षों में भारत की प्रगति में कई परिवर्तन हुए हैं, जिसमें डिजिटल नवाचार आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।"

130 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड 
नंदन नीलेकणि  ने कहा कि भारत में डिजिटल यात्रा की शुरुआत डिजिटल आईडी यानी आधार से हुई है।  आज देश के 130 करोड़ लोगों के पास विशिष्ट पहचान यानी आधार कार्ड है। गौरतलब है कि आधार कार्ड की शुरुआत करने में नंदन नीलेकणि का बहुत बड़ा हाथ है और वे भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के फाउंडिंग चेयरमैन हैं। 

आधार से रोजाना 8 करोड़ ट्रांजेक्‍शन
नंदन नीलेकणि  का कहना है कि आधार ने फिंगरप्रिंट, आइरिस, ओटीपी और फेस वेरिफिकेशन जैसे कई विकल्प प्रदान किए हैं। आज आधार का इस्‍तेमाल कर देश में रोजाना 8 करोड़ ट्रांजेक्शन हो रहे हैं।  इसका अर्थ है कि हर रोज 8 करोड़ भारतीय किसी न किसी तरीके से ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए आधार का इस्तेमाल कर रहे हैं। आधार ने पिछले 9 सालों में भारत को ऐसी आर्थिक तरक्की दी है, जिसे पारंपरिक तरीके से हासिल करने में हमें 47 साल लग जाते। 

नंदन नीलेकणि के अनुसार," ये जो बदलाव चल रहा है वह यह है कि भारत की आर्थिक व्यवस्था एक ऑफ़लाइन, अनौपचारिक, कम-उत्पादकता और सूक्ष्म-अर्थव्यवस्थाओं से एकल, ऑनलाइन, औपचारिक और उच्च-उत्पादकता वाली मेगा अर्थव्यवस्था की ओर जा रही है। और, अगले 20 वर्षों के लिए यही प्रवृत्ति है। इसे समाज के मुद्दों को हल करने के लिए एक नए दृष्टिकोण द्वारा सक्षम किया गया है, जिसे हम डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा कहते हैं।"

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।