गाज़ा पर टिप्पणियों के विरोध में अरुंधति रॉय ने बर्लिन फिल्म फेस्टिवल से नाम वापस लिया

भारतीय लेखिका अरुंधति रॉय ने गाज़ा में जारी संघर्ष और मानवीय संकट पर जूरी अध्यक्ष की टिप्पणियों के बाद इस वर्ष के बर्लिन फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों की तीखी आलोचना की है और कार्यक्रम से खुद को अलग कर..

गाज़ा पर टिप्पणियों के विरोध में अरुंधति रॉय ने बर्लिन फिल्म फेस्टिवल से नाम वापस लिया
14-02-2026 - 12:30 PM

भारतीय लेखिका अरुंधति रॉय ने गाज़ा में जारी संघर्ष और मानवीय संकट पर जूरी अध्यक्ष की टिप्पणियों के बाद इस वर्ष के बर्लिन फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों की तीखी आलोचना की है और कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया है।

अरुंधति रॉय ने कहा कि वह गुरुवार को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गाज़ा और इज़रायल को लेकर पूछे गए सवाल पर जूरी अध्यक्ष विम वेन्डर्स और अन्य जूरी सदस्यों की प्रतिक्रियाओं से “हैरान और घृणित” हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेन्डर्स ने गाज़ा पर सवाल के जवाब में कहा था कि सिनेमा को “राजनीति से दूर रहना चाहिए।”

1997 में बुकर पुरस्कार जीत चुकीं अरुंधति रॉय को इस फेस्टिवल में अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उन्हें अपनी 1989 की फिल्म इन विच एनी गिव्स इट दोज़ वन के पुनर्स्थापित (रेस्टोर्ड) संस्करण को प्रस्तुत करना था। यह वही फिल्म है, जिससे अभिनेता शाहरुख़ ख़ान ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, अब उन्होंने कार्यक्रम से हटने का फैसला किया है।

समाचार एजेंसी एएफपी को भेजे गए अपने बयान में अरुंधति रॉय ने कहा कि वेन्डर्स और अन्य जूरी सदस्यों के “अंतरात्मा को झकझोर देने वाले” बयानों के कारण उन्होंने “गहरे अफसोस के साथ” यह निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा, “यह सुनना कि कला को राजनीतिक नहीं होना चाहिए—अविश्वसनीय और चौंकाने वाला है।” अपने बयान में अरुंधति रॉय ने गाज़ा में इज़रायल की कार्रवाई को “इज़रायल राज्य द्वारा फ़िलिस्तीनी जनता के खिलाफ किया जा रहा नरसंहार” बताया।

उन्होंने आगे कहा, “अगर हमारे समय के सबसे महान फिल्मकार और कलाकार भी खड़े होकर यह नहीं कह सकते, तो उन्हें जान लेना चाहिए कि इतिहास उनका मूल्यांकन करेगा।”

बर्लिन फिल्म फेस्टिवल की ओर से कहा गया कि वे अरुंधति रॉय के फैसले का सम्मान करते हैं। फेस्टिवल के एक प्रवक्ता ने एएफपी को दिए बयान में कहा, “बर्लिनाले इन फैसलों का सम्मान करता है। हमें खेद है कि हम उनका स्वागत नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उनकी मौजूदगी से फेस्टिवल में विचार-विमर्श और समृद्ध होता।”

गाज़ा पर बर्लिनाले जूरी ने क्या कहा

गुरुवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब जूरी अध्यक्ष विम वेन्डर्स से इज़रायल को जर्मनी के समर्थन पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “हम वास्तव में राजनीति के क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकते,” और फिल्मकारों को “राजनीति के प्रति एक संतुलनकारी शक्ति” बताया। जूरी की एक अन्य सदस्य एवा पुश्चिन्स्का ने कहा कि इस मुद्दे पर जूरी से किसी पक्ष में खड़ा होने की उम्मीद करना “अनुचित” है।

परंपरागत रूप से बर्लिन फिल्म फेस्टिवल समसामयिक और प्रगतिशील कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है लेकिन इस साल के संस्करण में अब तक कई सितारे दिन के बड़े राजनीतिक मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाने से बचते नजर आए हैं।

गाज़ा युद्ध की शुरुआत हमास द्वारा 7 अक्टूबर 2023 को इज़रायल पर किए गए हमले से हुई थी, जिसमें आधिकारिक इज़रायली आंकड़ों पर आधारित एएफपी की गणना के अनुसार 1,221 लोगों की मौत हुई थी।

इसके जवाब में इज़रायल की सैन्य कार्रवाई में गाज़ा में कम से कम 71,000 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा हमास-शासित क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रालय का है, जिसे संयुक्त राष्ट्र विश्वसनीय मानता है।

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