आंखें फोड़कर डाला था तेजाब, निर्भया जैसी दरिंदगी फिर भी तीनों आरोपी सुप्रीम कोर्ट से बरी..!
<p><em><strong>अब सवाल उठता है कि अगर तीनों दोषी रिहा हो गए तो छावला की ‘निर्भया’ के साथ हद दर्जे की हैवानियत को किसने अंजाम दिया था?</strong></em></p>
देश की सबसे बड़ी अदालत ने दिल्ली के छावला रेप केस में 10 साल बाद फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों को रिहा कर दिया। अब सवाल उठता है कि अगर तीनों दोषी रिहा हो गए तो छावला की ‘निर्भया’ के साथ हद दर्जे की हैवानियत को किसने अंजाम दिया था? निर्भया कांड के बाद दूसरी ऐसी घटना थी, जिसमें एक लड़की के साथ इस कदर दरिंदगी की गई थी, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए।
यह था मामला
9 फरवरी 2012 की देर शाम को छावला की रहने वाली 19 साल की काजल (बदला हुआ नाम) अपने कुछ दोस्तों के साथ गुड़गांव से काम खत्म कर बस से घर वापस लौट रही थी। बस से उतरकर वह तेजी से घर की तरफ जा रही थी, तभी पीछे से एक लाल रंग की इंडिका कार ने उसका रास्ता रोक लिया। कार में सवार तीन बदमाशों ने काजल को जबरन कार में खींच लिया और उसे अगवा कर अपने साथ ले गए। परिजन ने कई जगह तलाश करने के बाद पुलिस को फोन किया गया तो करीब घंटेभर से ज्यादा की देरी से पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस ने कहा कि संदिग्ध बदमाशों को ढूंढ़ने के लिए उनके पास गाड़ी उपलब्ध नहीं है।
हरियाणा ले गए थे आरोपी
उधर, काजल को अगवा कर बदमाश अंदरुनी रास्तों से होते हुए दिल्ली से हरियाणा जा पहुंचे। वहां पहुंचकर सबसे पहले तीनों ने शराब खरीदी और फिर कार को एक सुनसान जगह पर ले जाकर शराब पीते हुए काजल के साथ दरिंदगी करने लगे।
बारी-बारी से किया था बलात्कार
उन्होंने बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया। तीनों दरिंदों ने उसके जिस्म को कई जगह से दांतों से काटा। पीड़िता रेप से बदहवास हो चुकी थी। वो पीने के लिए पानी मांग रही थी, तो पहले तो तीनों ने उसे कहीं से लाकर पानी पिलाया लेकिन इसके बाद उनमें से एक ने लड़की को मार डालने का आइडिया दिया। इसके बाद तीनों की हैवानियत फिर से जाग उठी। इसके बाद जिस घड़े से पानी पिलाया था, सबसे पहले वही घड़ा उठाकर उसके सिर पर दे मारा।
सिर पर पाना और जैक से किए वार
इसके बाद तीनों में से एक आरोपी गाड़ी से लोहे का पाना और जैक निकालकर लाया। इन्हीं औजारों से काजल के सिर पर कई वार किए। वो जमीन पर गिरकर तड़पने लगी लेकिन उन दरिंदों को उस पर रहम नहीं आया। उन्होंने एक के बाद एक ना सिर्फ कई वार किए बल्कि उसकी पहचान छुपाने के लिए उसे जलाकर बदशक्ल करने के लिए गाड़ी के साइलेंसर से दूसरे औजारों को गर्म कर उसके जिस्म को जगह-जगह दाग दिया। यहां तक कि उसके प्राइवेट पार्ट को भी जलाया गया।
बीयर की बोतल फोड़कर काट डाला जिस्म
इसके बाद आरोपियों ने बीयर की बोतल फोड़ी और उससे लड़की के पूरी जिस्म को तब तक काटते रहे, जब तक वो मुर्दा जिस्म में तब्दील नहीं हो गई। उन्होंने उसके प्राइवेट पार्ट में भी टूटी बोतल घुसा दी थी। दरिंदों ने लड़की की आंखें फोड़कर उनमें कार की बैटरी का तेजाब भर दिया था।
पुलिस के सामने कबूला गुनाह
पुलिस के सामने खुद आरोपियों का कुबूलनामा यह कहता है कि उन्होंने तसल्ली के लिए कई वार तो उस पर उसकी मौत के बाद भी किए थे और फिर लाश को मौके पर ही छोड़कर भाग निकले थे।
रेवाड़ी के सुनसान इलाके में मिली थी लाश
तीनों दरिंदों ने इस वारदात को हरियाणा के रेवाड़ी में अंजाम दिया था। जब लाश का पोस्टमॉर्टम कराया गया था तो उसकी रिपोर्ट भी लड़की के साथ की गई दरिंदगी की गवाही दे रही थी।
यहां पकड़े गए थे तीनों आरोपी
पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की तो पता चला कि तीनों दरिंदे हरियाणा के ही रहने वाले थे। उनकी पहचान रवि, राहुल और विनोद के तौर पर की गई थी। ये तीनों ही कार ड्राइवर थे। पुलिस ने उनकी मोबाइल फोन लोकेशन और कार की पहचान करके तीनों को धरदबोचा था।
दी थी फांसी की सजा
दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने मामले में गंभीर रूख अपनाया था. कोर्ट ने 13 फरवरी 2014 को तीन आरोपियों को दोषी ठहराया था। इस संगीन जुर्म के लिए फांसी की सजा सुनाई थी जो हाई कोर्ट में भी बरकरार रही थी।
अब वे ही दोषी रिहा..!
सोमवार को सुनाये निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा दोषियों को दी गई फांसी की सजा को पलट दिया और गैंगरेप और हत्या के तीनों दोषियों को बरी कर दिया।
What's Your Reaction?