उदयपुर फाइल्स मुस्लिमों को आतंकी समर्थक दिखाती है: मौलाना अरशद मदनी की सुप्रीम कोर्ट में नयी याचिका

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर कर केंद्र सरकार द्वारा फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को छह कट्स के साथ मंजूरी देने के फैसले को चुनौती दी..

उदयपुर फाइल्स मुस्लिमों को आतंकी समर्थक दिखाती है: मौलाना अरशद मदनी की सुप्रीम कोर्ट में नयी याचिका
25-07-2025 - 11:07 AM

नयी दिल्ली। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर कर केंद्र सरकार द्वारा फिल्म उदयपुर फाइल्स’ को छह कट्स के साथ मंजूरी देने के फैसले को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म भारत के सभी मुसलमानों को आतंकवाद समर्थक के रूप में दर्शाती है।

यह फिल्म ‘Udaipur Files: Kanhaiya Lal Tailor Murder’ वर्ष 2022 में हुए दर्ज़ी कन्हैयालाल की हत्या पर आधारित है और इसे लेकर पहले से ही कई विवाद व कानूनी मामले चल रहे हैं।

क्या कहा गया है याचिका में?

मौलाना मदनी और अन्य याचिकाकर्ताओं का कहना है कि..

  • फिल्म मुस्लिम समुदाय को अनुचित, नकारात्मक और पक्षपातपूर्ण रूप में प्रस्तुत करती है।
  • इससे सांप्रदायिक तनाव और हिंसा भड़कने की आशंका है।
  • फिल्म की कथावस्तु भारत-पाकिस्तान विवाद से जुड़ी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तानी आतंकियों के साथ सहानुभूति रखने वाला या उनके इशारों पर काम करने वाला दिखाया गया है।

याचिकाकर्ता के आरोप

  • याचिका में दावा किया गया है कि फिल्म निर्माता का अतीत सांप्रदायिक और राजनीतिक घृणा फैलाने का रहा है।
  • यह मामला कलात्मक स्वतंत्रता से जुड़ा एक ईमानदार फिल्मकार का नहीं, बल्कि एक पूर्वग्रह से ग्रस्त एजेंडा का प्रतीक है।
  • याचिका के अनुसार, "यह प्रस्तुति दुर्भावनापूर्ण है और भारत में साम्प्रदायिक असामंजस्य फैलाने के उद्देश्य से बनाई गई है।"

सुप्रीम कोर्ट से मांगी गई विशेष मांगें

  • फिल्म की सार्वजनिक रिलीज पर रोक लगाने की अपील की गई है जब तक मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
  • कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि वह फिल्म की प्राइवेट स्क्रीनिंग सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के लिए आयोजित करने का निर्देश दे, ताकि निष्पक्ष रूप से मामले का फैसला किया जा सके।

अब तक की अदालती कार्यवाही

  • 10 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने अरशद मदनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई और केंद्र को एक सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश दिया।
  • सुप्रीम कोर्ट ने बाद में केंद्र से कहा कि वह सभी पक्षों को सुनकर बिना देरी के निर्णय ले और साथ ही हत्या के आरोपियों को भी सुनवाई का अवसर दे।

केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया

  • 21 जुलाई को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने फिल्म को छह कट्स के साथ रिलीज की मंजूरी दी है।
  • लेकिन मौलाना मदनी ने इस पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि:

"सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का यह आदेश बिना किसी ठोस कारण के पारित किया गया है और इसमें हमारी आपत्तियों का कोई समाधान नहीं दिया गया है। यह केवल समिति की रिपोर्ट को मंजूर कर देना मात्र है।"

पृष्ठभूमि:

  • जून 2022 में उदयपुर के दर्ज़ी कन्हैयालाल की हत्या कथित रूप से मोहम्मद रियाज़ और मोहम्मद ग़ौस द्वारा की गई थी।
  • हत्या के बाद, आरोपियों ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि यह हत्या नुपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट साझा करने के कारण की गई।
  • मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने की थी।
  • आरोपियों पर UAPA और भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं में केस दर्ज है।
  • मामला फिलहाल जयपुर की विशेष NIA कोर्ट में लंबित है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।