केरल हाईकोर्ट में एके प्रीता की अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति, कॉलेजियम की दूसरी सिफारिश को केंद्र ने किया नजरअंदाज
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अधिवक्ता एके प्रीता को केरल हाईकोर्ट की अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की। हालांकि Supreme Court Collegium ने सीनियर एडवोकेट लिज मैथ्यू के साथ-साथ एके प्रीता के नाम की भी सिफारिश की थी लेकिन केंद्र ने..
कोच्चि। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अधिवक्ता एके प्रीता को केरल हाईकोर्ट की अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की। हालांकि Supreme Court Collegium ने सीनियर एडवोकेट लिज मैथ्यू के साथ-साथ एके प्रीता के नाम की भी सिफारिश की थी लेकिन केंद्र ने केवल एक ही नियुक्ति को मंजूरी दी है।
वर्तमान में Kerala High Court में कुल 38 न्यायाधीश कार्यरत हैं, जिनमें 33 स्थायी न्यायाधीश और पांच अतिरिक्त न्यायाधीश शामिल हैं।
ए.के. प्रीता ने 26 अक्टूबर 1997 को Kerala Bar Council में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया था। उनके पास केरल हाईकोर्ट के साथ-साथ राज्य भर के श्रम न्यायालयों और औद्योगिक न्यायाधिकरणों में 29 वर्षों का अनुभव है। उन्हें श्रम एवं रोजगार कानून, संवैधानिक कानून और सेवा कानून में विशेषज्ञता हासिल है।
उन्होंने भारत सरकार के कस्टम्स और सेंट्रल एक्साइज विभाग, ESI Corporation, GAIL, Kochi Metro Rail Ltd. और Kochi Water Metro Ltd. के लिए स्थायी वकील (स्टैंडिंग काउंसल) के रूप में भी सेवाएं दी हैं।
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