लालच और प्रलोभन में आने वाले न्यायाधीशों को न्यायपालिका से हटाया जाए: जस्टिस बी.वी. नागरथना

Justice B V Nagarathna ने शनिवार को कहा कि जो न्यायाधीश अपनी आय के अनुसार जीवन नहीं जी पाते और लालच व प्रलोभन का शिकार हो जाते हैं, उन्हें न्यायिक व्यवस्था से हटा दिया जाना..

लालच और प्रलोभन में आने वाले न्यायाधीशों को न्यायपालिका से हटाया जाए: जस्टिस बी.वी. नागरथना
19-04-2026 - 09:15 AM

नयी दिल्ली। Justice B V Nagarathna ने शनिवार को कहा कि जो न्यायाधीश अपनी आय के अनुसार जीवन नहीं जी पाते और लालच व प्रलोभन का शिकार हो जाते हैं, उन्हें न्यायिक व्यवस्था से हटा दिया जाना चाहिए।

31 अगस्त 2021 को Supreme Court of India की न्यायाधीश नियुक्त की गईं जस्टिस नागरथना, जो सितंबर 2027 में देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने की कतार में हैं, ने कहा कि न्यायाधीशों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय साहस और स्वतंत्रता विकसित करनी चाहिए तथा बाहरी प्रभावों से बचकर निर्णय लेना चाहिए।

उन्होंने यह टिप्पणी 22nd Biennial State Level Conference of Judicial Officers के दौरान Bengaluru में अपने संबोधन में की।

जस्टिस नागरथना ने कर्नाटक की जिला न्यायपालिका की सराहना करते हुए कहा कि यह देश की सर्वश्रेष्ठ न्यायिक व्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी न्यायाधीश का दूषित फैसला न केवल उस न्यायाधीश पर बल्कि पूरी न्यायपालिका पर काला धब्बा होता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि वकीलों द्वारा बिना जांच-पड़ताल के AI पर निर्भर रहने के कारण फर्जी केस कानून (case laws) पेश किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके समक्ष Supreme Court of India में ऐसे मामले आ चुके हैं, जहां AI ने गलत या पूरी तरह से मनगढ़ंत केस संदर्भ तैयार कर दिए।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक मामले में “Mercy vs. Mankind” नाम का केस उद्धृत किया गया, जबकि ऐसा कोई मामला अस्तित्व में ही नहीं था। वहीं, एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में ऐसा उद्धरण बताया गया, जो वास्तव में उस निर्णय में था ही नहीं।

जिला न्यायालयों के न्यायाधीशों के तबादले, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कोई भी न्यायिक अधिकारी यह महसूस न करे कि हाई कोर्ट की रजिस्ट्री द्वारा समय पर कदम न उठाने के कारण उसकी वास्तविक समस्याओं की अनदेखी हो रही है।

महिला न्यायाधीशों के संदर्भ में जस्टिस नागरथना ने कहा कि उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और अनुकूल कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल भौतिक ढांचा ही नहीं, बल्कि पूर्वाग्रह और उत्पीड़न से सुरक्षा भी जरूरी है।

अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय का भविष्य केवल AI तय नहीं कर सकता, बल्कि यह न्यायाधीशों द्वारा ही निर्धारित होगा—जो तकनीकी उपकरणों की मदद से, लेकिन संविधानिक मूल्यों, कानून के शासन और समानता व निष्पक्षता की प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।