भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों और डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स पर आयात शुल्क में रियायत देगा

भारत ने पशु आहार के लिए उपयोग होने वाले कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों जैसे डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स (डीडीजी/डीडीजीएस), रेड ज्वार (रेड सोरघम) और सेब पर आयात शुल्क में रियायत देने पर सहमति..

भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों और डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स पर आयात शुल्क में रियायत देगा
08-02-2026 - 10:06 AM

नयी दिल्ली। भारत ने पशु आहार के लिए उपयोग होने वाले कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों जैसे डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स (डीडीजी/डीडीजीएस), रेड ज्वार (रेड सोरघम) और सेब पर आयात शुल्क में रियायत देने पर सहमति जताई है।

संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और अमेरिका पहले चरण के द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए एक ढांचे पर सहमत हो गए हैं, जिसके मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पत्रकारों से कहा कि भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों—जैसे डीडीजी/डीडीजीएस, सोयाबीन तेल, सेब, लॉन्ग स्टेपल कॉटन और सोयाबीन तेल—पर कोटा-आधारित टैरिफ (शुल्क) रियायतें देगा।

गोयल ने कहा, “हमने कुछ उत्पादों में अमेरिका के लिए अपने बाजार को चरणबद्ध और संतुलित तरीके से खोला है, जैसे डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्युबल्स (डीडीजीएस), वाइन और स्पिरिट्स, जिनमें हमने न्यूनतम आयात मूल्य भी तय रखा है।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या डीडीजी में जेएम (आनुवंशिक रूप से संशोधित) सोयामील होता है, तो मंत्री ने आश्वासन दिया कि भारत में जेएम सामग्री के आयात की अनुमति देने के लिए पर्यावरण मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रक्रियाएं मौजूद हैं और उनका पूरी तरह पालन किया जाएगा।

अमेरिकी ग्रेन्स एंड बायोप्रोडक्ट्स काउंसिल के अनुसार, डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्युबल्स (डीडीजीएस) ड्राई-मिल्ड एथेनॉल उत्पादन का पोषक तत्वों से भरपूर सह-उत्पाद है। पशु आहार में डीडीजीएस का उपयोग ऊर्जा और प्रोटीन सप्लीमेंट के रूप में अच्छी तरह से प्रमाणित और प्रचलित है।

काउंसिल के मुताबिक, संयुक्त रूप से अमेरिकी एथेनॉल संयंत्रों के पास 15 अरब गैलन से अधिक एथेनॉल और 4.4 करोड़ मीट्रिक टन डीडीजीएस उत्पादन की क्षमता है।

काउंसिल ने वैश्विक बाजार को डीडीजीएस के पोषण संबंधी लाभों के बारे में जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई है। इसके निर्यात में तेजी से वृद्धि हुई है—2009 में जहां निर्यात 50 लाख टन था, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 58 देशों में 1 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक हो गया।

काउंसिल के पोर्टल के अनुसार, डीडीजीएस निर्यात का सबसे बड़ा खरीदार मैक्सिको रहा, जिसकी हिस्सेदारी कुल निर्यात में 20 प्रतिशत से अधिक थी। दक्षिण कोरिया दूसरा सबसे बड़ा आयातक रहा। वहीं, 2022-23 के दौरान वियतनाम, इंडोनेशिया और कनाडा भी शीर्ष पांच आयातक देशों में शामिल थे।

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