भारतीय नौसेना को दो नए युद्धपोतों से मजबूती, INS तमाल और उदयगिरि का हुआ जलावतरण
भारतीय नौसेना ने मंगलवार को अपनी क्षमताओं में जबरदस्त इजाफा करते हुए दो नए स्टील्थ मल्टीरोल फ्रिगेट्स – INS तमाल और INS उदयगिरि को अपने बेड़े में शामिल किया। जहां INS तमाल को रूस के कालिनिनग्राद स्थित यांतर शिपयार्ड में भारतीय नौसेना के वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय जे सिंह की उपस्थिति..
नयी दिल्ली। भारतीय नौसेना ने मंगलवार को अपनी क्षमताओं में जबरदस्त इजाफा करते हुए दो नए स्टील्थ मल्टीरोल फ्रिगेट्स – INS तमाल और INS उदयगिरि को अपने बेड़े में शामिल किया। जहां INS तमाल को रूस के कालिनिनग्राद स्थित यांतर शिपयार्ड में भारतीय नौसेना के वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय जे सिंह की उपस्थिति में कमीशन किया गया, वहीं INS उदयगिरि को मुंबई में नौसेना को सौंपा गया।
INS तमाल: समुद्र पर चलता हुआ किला
- INS तमाल, रूस से आयात किए गए आठवें 'क्रिवाक क्लास' फ्रिगेट के रूप में भारतीय नौसेना में शामिल हुआ है।
- यह प्रोजेक्ट 1135.6 के तहत बनाए गए उन्नत क्रिवाक III क्लास फ्रिगेट्स में से एक है।
- इसका निर्माण रूस के यांतर शिपयार्ड में हुआ है, और यह सितंबर में भारत पहुंचेगा।
- इसका कुल वजन 3,900 टन है और इसमें लगभग 250 नाविक व 26 अधिकारी कार्यरत होंगे।
यह भारत-रूस के बीच हुए $2.5 बिलियन (₹20,000 करोड़) के समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत 4 क्रिवाक/तलवार क्लास फ्रिगेट्स बनाए जा रहे हैं..
- दो रूस में (INS तुशील और INS तमाल)
- दो गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में
INS तुशील को दिसंबर 2023 में कमीशन किया गया था और यह फरवरी 2024 में भारत पहुंचा।
INS तमाल की युद्ध क्षमता
- ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल
- श्तिल सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (Shtil SAM)
- अपग्रेडेड मध्यम दूरी की बंदूकें, रैपिड फायर गन, टॉरपीडो और रॉकेट्स
- EM (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक) युद्ध क्षमता सहित सभी चार आयामों में संचालन के लिए सक्षम
26% स्वदेशी सामग्री
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड,
- ब्रह्मोस एयरोस्पेस,
- टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की Nova Integrated Systems सहित 33 भारतीय कंपनियों का योगदान
INS उदयगिरि: आत्मनिर्भर भारत की मिसाल
- INS उदयगिरि को मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में तैयार किया गया है।
- यह प्रोजेक्ट 17A (P-17A) के तहत बन रहे 7 आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट्स में से दूसरा जहाज़ है।
- यह शिवालिक क्लास (P-17) फ्रिगेट्स का अगला संस्करण है, जिसमें आधुनिक हथियार और बेहतर स्टील्थ तकनीक शामिल हैं।
- इसे 37 महीनों में रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है।
P-17A फ्रिगेट की खासियतें:
- Warship Design Bureau द्वारा डिज़ाइन की गई
- इंटीग्रेटेड कंस्ट्रक्शन तकनीक से निर्माण
- अत्याधुनिक हथियार और सेंसर, पहले से बेहतर स्टील्थ क्षमता
INS उदयगिरि को अगस्त 2025 में सेवा में शामिल किए जाने की संभावना है।
वाइस एडमिरल संजय जे सिंह ने कहा, “INS तमाल जैसे बहुउपयोगी युद्धपोत भारतीय नौसेना की पहुंच, प्रतिक्रिया और लचीलापन बढ़ाते हैं। यह जहाज़ राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बल गुणक साबित होगा।”
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