‘अनुचित’ UNHRC प्रस्ताव के खिलाफ मतदान पर ईरान ने भारत का जताया आभार
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में एक प्रस्ताव के खिलाफ भारत द्वारा मतदान किए जाने पर नई दिल्ली के प्रति “हार्दिक आभार” व्यक्त..
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में एक प्रस्ताव के खिलाफ भारत द्वारा मतदान किए जाने पर नई दिल्ली के प्रति “हार्दिक आभार” व्यक्त किया। यह प्रस्ताव शुक्रवार को UNHRC के 39वें विशेष सत्र में अपनाया गया था।
राजदूत फताली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में ईरान के समर्थन में, विशेष रूप से एक अनुचित और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रस्ताव का विरोध करने के लिए, भारत सरकार के सिद्धांतवादी और दृढ़ समर्थन के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। यह रुख न्याय, बहुपक्षवाद और राष्ट्रीय संप्रभुता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
प्रस्ताव में क्या कहा गया
यह प्रस्ताव 25 देशों के समर्थन, 7 देशों के विरोध और 14 देशों के तटस्थ रहने के साथ पारित हुआ। इसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई, जिसमें बच्चों सहित हजारों लोगों की मौत, बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने और दिसंबर 28 से शुरू हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के सिलसिले में हजारों लोगों की गिरफ्तारी का उल्लेख किया गया।
UNHRC द्वारा जारी बयान के अनुसार, “इस प्रस्ताव के तहत ईरान पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय तथ्य-जांच मिशन (फैक्ट-फाइंडिंग मिशन) के कार्यकाल को दो वर्षों के लिए और ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर विशेष दूत (स्पेशल रैपोर्टेयर) के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है। साथ ही, 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दमन के संदर्भ में तत्काल जांच की मांग की गई है।”
प्रस्ताव में ईरान सरकार से यह भी आग्रह किया गया है कि वह अपने मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान करे, उनकी रक्षा करे और उन्हें पूरा करे। इसमें न्यायेतर हत्याओं, मनमाने ढंग से जीवन से वंचित करने, जबरन गुमशुदगी, यौन और लैंगिक हिंसा, मनमानी गिरफ्तारी व हिरासत, एकांत हिरासत, यातना और अन्य क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार—विशेष रूप से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ—को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
भारत-ईरान कूटनीतिक संपर्क
पिछले सप्ताह विदेश मंत्री एस. जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया था। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में “विकसित हो रही स्थिति” पर चर्चा की थी।
इस बातचीत के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास की स्थिति पर चर्चा की।”
यह संवाद ऐसे समय हुआ, जब हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान की यात्रा को लेकर भारतीय नागरिकों के लिए एक और एडवाइजरी जारी की थी।
भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा सलाह
भारत सरकार ने कहा, “ईरान में जारी घटनाक्रमों को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की यात्रा से सख्ती से बचने की सलाह दी जाती है।”
इससे पहले 5 जनवरी को भी भारत ने अपने नागरिकों को ईरान की गैर-आवश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी थी।
विदेश मंत्रालय (MEA) की एडवाइजरी में कहा गया, “ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक और पीआईओ (भारतीय मूल के व्यक्ति) अत्यधिक सावधानी बरतें, विरोध-प्रदर्शनों या धरनों वाले क्षेत्रों से दूर रहें और समाचारों के साथ-साथ तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट व सोशल मीडिया हैंडल्स पर नजर बनाए रखें।”
एडवाइजरी में यह भी जोड़ा गया कि “ईरान में रेजिडेंट वीजा पर रह रहे भारतीय नागरिक, यदि अब तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण जरूर कराएं।”
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