जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती ने उपराज्यपाल से मुलाकात कर कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक वापसी और राजनीतिक आरक्षण की मांग की
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को श्रीनगर स्थित राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपनी पहली औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक और समावेशी वापसी..
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को श्रीनगर स्थित राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपनी पहली औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक और समावेशी वापसी तथा सही तरीके से पुनर्वास पर जोर दिया।
यह बैठक राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रही क्योंकि महबूबा ने यह ज्ञापन उपराज्यपाल को सौंपा, न कि जम्मू-कश्मीर के निर्वाचित मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को। अनुच्छेद 370 के अगस्त 2019 में हटने के बाद यह संभवतः उनकी पहली औपचारिक मुलाकात थी।
महबूबा ने उपराज्यपाल से मांग की कि जिन लोगों को अन्य राज्यों की जेलों में रखा गया है, उन्हें वापस जम्मू-कश्मीर लाया जाए और जिन पर गंभीर आरोप नहीं हैं, उन्हें रिहा किया जाए। उन्होंने कश्मीरी पंडितों की वापसी को लेकर एक समावेशी और चरणबद्ध रोडमैप भी सौंपा, जिससे इस मुद्दे पर "सार्थक प्रगति" हो सके।
यह मुद्दा ऐसे समय में उठाया गया है जब देशभर से बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित गंदरबल जिले स्थित खीर भवानी मंदिर में होने वाले वार्षिक मेले में भाग लेने के लिए कश्मीर पहुंच रहे हैं।
महबूबा ने मीडिया से कहा, कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी जम्मू-कश्मीर के लिए एक साझा, समावेशी और भविष्यमुखी समाज बनाने का अवसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को राजनीतिक रूप से सशक्त किया जाना चाहिए और उनके लिए आरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए।
"कश्मीरी मुसलमानों पर जो पलायन का दाग लगा है, उसे अब मिटाने का समय आ गया है।"
महबूबा ने मांग की कि केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाया जाए कि कश्मीरी पंडितों को नामांकन की जगह आरक्षण के जरिए राजनीतिक भागीदारी दी जाए, क्योंकि उनकी वापसी राजनीतिक सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं है।
उन्होंने यह भी मांग की कि ईद के मौके पर जेलों से कुछ लोगों को रिहा किया जाए और अमरनाथ यात्रा के शांतिपूर्ण संचालन में स्थानीय लोगों को शामिल किया जाए, क्योंकि वे हर साल इस तीर्थयात्रा में सहयोग करते आए हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर निशाना
एक सवाल के जवाब में महबूबा ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला खुद ही अपनी निर्वाचित सरकार को कमजोर कर रहे हैं।
वक्फ बिल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब यह एक गंभीर मुद्दा है, तो मुख्यमंत्री को इसकी चर्चा करनी चाहिए थी, न कि श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन में केंद्रीय मंत्री का स्वागत करना।
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