उपराष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करेंगे केटीआर, यूरिया संकट व कलेश्वरम मुद्दे पर कांग्रेस-बीजेपी पर तीखा हमला
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (KTR) ने सोमवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय 71 लाख तेलंगाना किसानों के साथ एकजुटता दिखाने और यूरिया की कमी के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए..
नयी दिल्ली। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (KTR) ने सोमवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय 71 लाख तेलंगाना किसानों के साथ एकजुटता दिखाने और यूरिया की कमी के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए लिया गया है।
तेलंगाना भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केटीआर ने कहा,“पिछले 20 दिनों से BRS राज्य और केंद्र सरकारों को यूरिया की कमी के बारे में चेतावनी दे रही है। लेकिन दोनों ही सरकारें पूरी तरह असफल साबित हुई हैं। किसानों के समर्थन और विरोध स्वरूप BRS ने उपराष्ट्रपति चुनाव में भाग न लेने का फैसला किया है। अगर NOTA का विकल्प होता, तो हम उसे चुनते।”
उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों पार्टियों ने तेलंगाना के किसानों को निराश किया है।
साथ ही कांग्रेस सरकार पर उन्होंने कलेश्वरम परियोजना के बारे में झूठ फैलाने और दूसरी ओर उसी के पानी का उपयोग करने का आरोप लगाया।
केटीआर ने कहा – “कांग्रेस सरकार खुद मानती है कि कलेश्वरम तेलंगाना का कल्पवृक्ष और कामधेनु है, लेकिन फिर भी वह जनता के बीच इसे बदनाम करती है। यह शर्मनाक और दोहरा चरित्र है।”
उन्होंने कांग्रेस पर परियोजना लागत बढ़ाकर जनता का पैसा लूटने का भी आरोप लगाया।
- BRS शासन में जहां हैदराबाद तक कोंडापोचम्मा सागर से गोदावरी जल लाने का अनुमान ₹1,100 करोड़ था, वहीं रेवंत सरकार में यह बढ़कर ₹7,390 करोड़ कर दिया गया।
- इसी तरह मूसी रिवर ब्यूटीफिकेशन प्रोजेक्ट, जिसका प्रारंभिक अनुमान ₹16,000 करोड़ था, अब ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुँचा दिया गया।
केटीआर ने आरोप लगाया कि यह सब कमीशन और ठेकेदारों की दलाली का खेल है। उन्होंने कहा, “रेवंत रेड्डी अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए किस्तों में लूट कर रहे हैं।”
उन्होंने मेड़ीगड्डा बैराज की मरम्मत को जानबूझकर टालने का भी आरोप लगाया।
- बैराज ने 12 लाख क्यूसेक की बाढ़ सहन की, फिर भी तीन पियर्स अब तक ठीक नहीं किए गए।
- ₹4,000 करोड़ खर्च से बनी इस परियोजना की मरम्मत के लिए केवल ₹250 करोड़ चाहिए। एलएंडटी कंपनी मुफ्त में भी मरम्मत करने को तैयार है, फिर भी सरकार रोक लगा रही है।
केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर काले कारनामों का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने केंद्रीय सरकार और HMWSSB द्वारा ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को ही ₹7,000 करोड़ से अधिक के ठेके दे दिए हैं। उन्होंने कहा – “यह तेलंगाना की संपत्ति लूटने की आपराधिक साज़िश है।”
उन्होंने कलेश्वरम परियोजना की विशालता और महत्व को दोहराते हुए कहा कि यह केवल एक बैराज नहीं, बल्कि
- 3 बैराज,
- 15 जलाशय,
- 19 सबस्टेशन,
- 21 पंपिंग स्टेशन,
- 203 किलोमीटर टनल,
- 1,531 किलोमीटर ग्रैविटी कैनाल और
- 98 किलोमीटर प्रेशर मेन
के विशाल नेटवर्क से जुड़ी है, जिसमें 141 टीएमसी पानी भंडारण और 530 मीटर ऊंचाई तक पानी उठाने की क्षमता है।
उन्होंने कहा, “कलेश्वरम दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट इरिगेशन परियोजना है। अब तक 240 टीएमसी पानी उपयोग में लाया जा चुका है और 20 लाख एकड़ जमीन सिंचित हो चुकी है। जनता के पैसों से बनी इस परियोजना को असफल बताना किसी भी मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना की छवि धूमिल की है।”
अंत में केटीआर ने कांग्रेस नेताओं से बिना शर्त माफी की मांग की और विधानसभा अध्यक्ष से दल बदलकर आए विधायकों को तुरंत अयोग्य ठहराने की अपील की।
उन्होंने कहा, “यह सरकार झूठ, पाखंड और भ्रष्टाचार पर चल रही है। तेलंगाना इससे कहीं बेहतर का हकदार है।”
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