POCSO केस में कर्नाटक हाईकोर्ट से पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा को राहत, निचली अदालत का समन स्थगित

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बी. एस. येदियुरप्पा को POCSO मामले में अस्थायी राहत दी है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा जारी समन पर रोक लगा दी है, जिसके तहत येदियुरप्पा को 15 मार्च को अदालत में पेश होना था।

POCSO केस में कर्नाटक हाईकोर्ट से पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा को राहत, निचली अदालत का समन स्थगित
15-03-2025 - 06:42 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

बेंगलुरु। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बी. एस. येदियुरप्पा को POCSO मामले में अस्थायी राहत दी है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा जारी समन पर रोक लगा दी है, जिसके तहत येदियुरप्पा को 15 मार्च को अदालत में पेश होना था

यह मामला बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत दर्ज किया गया था।
सत्र न्यायालय ने 28 फरवरी को कर्नाटक CID द्वारा दाखिल आरोप पत्र पर पुनः संज्ञान लिया था और येदियुरप्पा को समन भेजा गया था।

इससे पहले, 7 फरवरी को कर्नाटक हाईकोर्ट ने विशेष अदालत को निर्देश दिया था कि वह CID की अंतिम रिपोर्ट पर फिर से विचार कर उचित आदेश पारित करे।

क्या है मामला?

  • मामला 14 मार्च, 2024 को दर्ज किया गया था।
  • शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 2 फरवरी को बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी स्थित येदियुरप्पा के आवास पर उनकी 17 वर्षीय बेटी के साथ यौन उत्पीड़न हुआ।
  • शिकायत पीड़िता की मां, एक 54 वर्षीय महिला ने की थी, जिनका मई 2023 में फेफड़ों के कैंसर से निधन हो गया

CID द्वारा आरोप पत्र और धाराएँ:

  • CID ने 27 जून 2024 को यह चार्जशीट फास्ट ट्रैक कोर्ट में दाखिल की थी।
  • इसमें आरोप लगाया गया कि येदियुरप्पा और उनके तीन सहयोगियों ने शिकायतकर्ता और उनकी बेटी को चुप कराने के लिए पैसे दिए।

चार्जशीट में जिन धाराओं का उल्लेख है:

POCSO अधिनियम:

  • धारा 8: यौन उत्पीड़न के लिए सजा

भारतीय दंड संहिता (IPC):

  • धारा 354A: यौन उत्पीड़न
  • धारा 204: साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास
  • धारा 214: आरोपी को बचाने के लिए रिश्वत या उपहार देना

अन्य तीन आरोपी:

  • अरुण वाई. एम., रूद्रेश एम. और जी. मारिस्वामीयेदियुरप्पा के करीबी माने जाते हैं।
  • इनके खिलाफ IPC की धारा 204 और 214 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।