कर्नाटक में दिल दहला देने वाली घटना: शिवमोग्गा में स्पेशल क्लास के बाद सहपाठियों ने 15 वर्षीय छात्र की पीट-पीटकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस
कर्नाटक के Shivamogga के बाहरी इलाके सुलेबैलू में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 15 वर्षीय छात्र संकथ की उसके ही सहपाठियों ने बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। यह घटना उस समय हुई जब छात्र देर शाम विशेष (स्पेशल) कक्षाएं खत्म होने के बाद घर..
शिवमोग्गा (कर्नाटक)। कर्नाटक के Shivamogga के बाहरी इलाके सुलेबैलू में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 15 वर्षीय छात्र संकथ की उसके ही सहपाठियों ने बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। यह घटना उस समय हुई जब छात्र देर शाम विशेष (स्पेशल) कक्षाएं खत्म होने के बाद घर लौट रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार, छात्रों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा शुरू हुआ। आरोप है कि एक अन्य समुदाय के तीन लड़के गिरिश नामक छात्र पर हमला कर रहे थे। संकथ ने अपने दोस्त को बचाने के लिए बीच-बचाव किया, जिसके बाद हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया।
हमला इतना गंभीर था कि संकथ मौके पर ही गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद इलाके में साम्प्रदायिक तनाव की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए Tunganagar Police Station ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके और अस्पताल का दौरा कर मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की हिंसा या तनाव को रोका जा सके।
घायल छात्र गिरिश ने सुनाई आपबीती
हमले में घायल छात्र गिरिश ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि स्कूल से निकलने के बाद उसे एक खेत में ले जाया गया, जहां पांच से छह लड़कों ने उस पर हमला किया।
गिरिश ने कहा, “उन्होंने मुझे बुरी तरह पीटा। मारपीट के कारण मैं लगभग बेहोश हो गया। जब मुझे होश आया, तो मैंने संकथ को जमीन पर पड़ा देखा। इसके बाद मैंने तुरंत अपने शिक्षक को फोन किया। शिक्षक संकथ को अस्पताल लेकर गए।”
गिरिश के मुताबिक, हमला करने वाले लड़के सुलेबैलू के इदगाह नगर इलाके के बताए जा रहे हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों में कुछ ऐसे छात्र भी शामिल थे जो 10वीं कक्षा में फेल हो चुके थे लेकिन इसके बावजूद 9वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे थे और स्कूल में लगातार उपद्रव मचाते थे।
गिरिश ने आगे कहा, “प्रधानाचार्य के मौजूद रहने के बावजूद वे हंगामा करते हैं। हमारी स्पेशल क्लास सुबह 8:30 बजे से रात करीब 9:30 बजे तक चलती है। देर रात होने की वजह से कई बार माता-पिता खुद हमें लेने आते हैं।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया, लापरवाही के आरोप
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय विधायक K S Eshwarappa ने कहा कि झगड़ा रात करीब 9:30 बजे हुआ, जिसके बाद संकथ पर हमला किया गया।
विधायक ने दावा किया कि स्कूल के छात्रों के बीच इस तरह की लड़ाइयां पहले भी बार-बार होती रही हैं और इस स्थिति की जानकारी शिक्षकों और पुलिस को थी।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए सवाल किया, “क्या पुलिस विभाग सिर्फ हिंदुओं से पैसे वसूलने के लिए ही है?”
विधायक ने संकथ की मौत के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। नाबालिगों की पहचान उजागर करने पर कानूनी पाबंदियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “बच्चों का नाम जन्म के समय रखा जाता है। अपना कानून उठाइए और कूड़ेदान में फेंक दीजिए।”
जांच जारी, इलाके में कड़ी निगरानी
पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। घटना के बाद किसी भी संभावित साम्प्रदायिक तनाव या हिंसा को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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