'बोलना चाहते थे लेकिन अनुमति नहीं दी गई' — राहुल गांधी का संसद में विपक्ष को बोलने न देने का आरोप
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार और संसद अध्यक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें और विपक्षी सांसदों को सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं को लगातार..
नयी दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार और संसद अध्यक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें और विपक्षी सांसदों को सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं को लगातार बोलने की अनुमति दी जा रही है।
यह बयान उस समय आया जब मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष के भारी हंगामे के चलते लोकसभा को दिन में दूसरी बार स्थगित करना पड़ा। विपक्ष 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा की मांग कर रहा था।
राहुल गांधी का बयान..
"सवाल यह है कि रक्षा मंत्री और भाजपा के लोग तो बोल सकते हैं, लेकिन अगर विपक्ष कुछ कहना चाहता है तो उसे रोका जाता है।"
"मैं विपक्ष का नेता हूं, मुझे बोलने का अधिकार है। लेकिन मुझे कभी भी बोलने की अनुमति नहीं दी जाती। यह एक नया तरीका है।"
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा, "प्रधानमंत्री तो एक सेकंड में सदन से बाहर भाग गए।"
उन्होंने आगे कहा कि "अगर सरकार के लोग बोलते हैं, तो हमें भी बोलने की जगह मिलनी चाहिए। हमने सिर्फ दो शब्द कहने चाहे लेकिन हमें मौका नहीं मिला।"
बीजेपी का पलटवार
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "विपक्ष का उद्देश्य ही सत्र को बाधित करना है। वे सेना के पराक्रम पर चर्चा नहीं होने देना चाहते। प्रश्नकाल के दौरान सदन को बाधित करना गलत है।"
उन्होंने कहा, "लोकसभा अध्यक्ष बार-बार कह रहे थे कि प्रश्नकाल के बाद विपक्ष को बोलने का मौका मिलेगा, फिर भी विपक्ष ने बाधा डाली। विपक्ष अब एक 'डिस्टर्बिंग एलिमेंट' बन चुका है। जनता सब देख रही है।"
मुद्दा क्या है?
- मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर चर्चा की मांग की।
- सत्तापक्ष के अनुसार, प्रश्नकाल के बाद चर्चा हो सकती थी, लेकिन विपक्ष ने कार्यवाही में व्यवधान डाला।
- इसको लेकर राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष पर असमान व्यवहार का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने विपक्ष को जानबूझकर माहौल खराब करने वाला बताया।
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